चितरंगी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल चार ट्रैक्टर जब्त
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना पुलिस ने सोन नदी के गांगी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार रेत लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार अवैध उत्खनन से सोनघड़ियाल अभ्यारण क्षेत्र में वन्यजीवों और प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर खतरा पैदा हो रहा था। मामले में विभिन्न कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। यह कार्रवाई चितरंगी थाना पुलिस द्वारा सोन नदी के गांगी क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से अवैध तरीके से रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस का कहना है कि अवैध उत्खनन से न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा था।
जानकारी के अनुसार, 23 और 24 मई की रात थाना प्रभारी चितरंगी को सूचना मिली कि ग्राम गांगी स्थित सोन नदी क्षेत्र में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल संबंधित विभागों के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
हालांकि पुलिस ने मौके से चार बिना नंबर के स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत सहित जब्त कर लिए। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए ट्रैक्टरों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख 18 हजार रुपये बताई गई है। सभी वाहनों में अवैध रूप से उत्खनन की गई रेत भरी हुई थी। पुलिस ने ट्रैक्टरों को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया जा रहा था, वह सोनघड़ियाल अभ्यारण क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल और कई अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षियों का प्राकृतिक निवास और प्रजनन क्षेत्र मौजूद है। लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन से इन वन्यजीवों के प्राकृतिक वातावरण और प्रजनन प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), खान एवं खनिज अधिनियम, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। साथ ही जब्त वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित वाहन मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा।
पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि सोन नदी क्षेत्र में लगातार अवैध रेत उत्खनन के कारण नदी का स्वरूप बदल रहा था और वन्यजीवों को खतरा बढ़ता जा रहा था। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।