डोकलाम-गलवान से जुड़े चीनी जनरल झाओ जोंगकी पर कार्रवाई, दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया गया

चीन की सेना में बड़े फेरबदल के तहत जनरल झाओ जोंगकी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। यह कदम चीन के सैन्य नेतृत्व में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

Aug 29, 2026 - 15:03
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डोकलाम-गलवान से जुड़े चीनी जनरल झाओ जोंगकी पर कार्रवाई, दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया गया

UNITED NEWS OF ASIA. चीन की सेना में एक बार फिर बड़े स्तर पर फेरबदल हुआ है। डोकलाम और गलवान के दौरान भारत के खिलाफ चीनी सैन्य गतिविधियों से जुड़े रहे जनरल झाओ जोंगकी पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही चीन की सर्वोच्च सैन्य कमान सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से दो वरिष्ठ अधिकारियों झांग यूशिया और लियू झेनली को भी हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई को चीन की सेना में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और सैन्य नेतृत्व में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

जनरल झाओ जोंगकी फरवरी 2016 में चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड के पहले कमांडर बने थे। यह कमांड चीन की उन प्रमुख सैन्य कमानों में शामिल है, जो तिब्बत, शिनजियांग और भारत से लगी सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालती है। झाओ का कार्यकाल भारत-चीन सीमा पर तनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।

2017 में डोकलाम गतिरोध के दौरान झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड से जुड़े प्रमुख सैन्य अधिकारियों में शामिल थे। इसके बाद 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। उस समय भी झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे। गलवान की घटना में 20 भारतीय सैनिकों की जान गई थी।

अब चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस से भी झाओ जोंगकी की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार 26 अगस्त को चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था ने उन्हें 14वीं नेशनल कमेटी की स्टैंडिंग कमेटी से हटाने का फैसला किया। इसके साथ ही उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव किया गया है।

इसी क्रम में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से झांग यूशिया और लियू झेनली को हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दोनों चीन के सैन्य नेतृत्व में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, चीन की ओर से इन कार्रवाइयों के पीछे विस्तृत कारणों को लेकर सार्वजनिक रूप से सीमित जानकारी सामने आई है।

इन बदलावों के बाद चीन के सात सदस्यीय राज्य सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में सक्रिय सदस्यों की संख्या काफी कम हो गई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस सैन्य कमान का हिस्सा हैं। लगातार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाए जाने से चीन की सेना में जारी अंदरूनी जांच और नेतृत्व पुनर्गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में पिछले कुछ समय से भ्रष्टाचार और अनुशासन को लेकर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच और पद से हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा फेरबदल को भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

भारत के नजरिए से झाओ जोंगकी पर हुई कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व किया था, जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और सैन्य तनाव काफी बढ़ा हुआ था। डोकलाम गतिरोध और गलवान झड़प दोनों ही भारत-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण घटनाएं रही हैं।

गलवान के बाद दोनों देशों ने सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ाई थी और कई दौर की सैन्य एवं राजनयिक बातचीत हुई। ऐसे में चीन के सैन्य नेतृत्व में हो रहे बदलावों पर भारत की भी नजर रहेगी।

फिलहाल झाओ जोंगकी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर हुई कार्रवाई चीन की सैन्य व्यवस्था में चल रहे बड़े पुनर्गठन का संकेत देती है। आने वाले समय में यदि चीन की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के विस्तृत कारण सामने आते हैं, तो इस फेरबदल की वास्तविक वजह और इसके व्यापक प्रभाव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।