रक्षाबंधन पर CM विष्णुदेव साय को बहनों ने बांधी राखी, बोले- स्नेह और आशीर्वाद से सेवा का संकल्प होता है मजबूत

रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीय माहौल में मनाया गया। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदी जैसी पहलों की जानकारी दी।

Aug 29, 2026 - 16:14
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रक्षाबंधन पर CM विष्णुदेव साय को बहनों ने बांधी राखी, बोले- स्नेह और आशीर्वाद से सेवा का संकल्प होता है मजबूत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का प्रेम और आशीर्वाद उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे प्रदेश की सेवा के प्रति उनका संकल्प और मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और साथ निभाने की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी ने बांधी राखी

कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को विशेष बताते हुए कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे छत्तीसगढ़ से सेना में शामिल होने वाले शुरुआती जवानों में रहे। उनकी पत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए भावनात्मक और गौरव का क्षण है।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी और स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत महिला पत्रकारों और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, टीम प्रहरी, विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाएं और दिव्यांग बहनें भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

1600 जवानों को बांधी गई राखी

मुख्यमंत्री ने रायपुर में हुए ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के जरिए देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना बेहद सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों से जुड़ी महिलाओं ने CRPF, BSF, CISF और ITBP सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान भी जवान अपने परिवारों से दूर रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, इसलिए उनके प्रति सम्मान जताना समाज की जिम्मेदारी है।

महिला पत्रकारों के योगदान को सराहा

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जिम्मेदारी और साहस का क्षेत्र है और महिला पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाकर लोगों तक देश-दुनिया की खबरें पहुंचा रही हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली से लौटने के दौरान शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने भी उन्हें राखी बांधी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन बहनें अलग-अलग क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व को भी मजबूती मिली है।

महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए योजना की 31वीं किस्त निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को जारी की गई। इसके तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना का असर सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। महिलाओं में वित्तीय आत्मविश्वास बढ़ा है और वे इस राशि का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत तथा आजीविका से जुड़े कामों में कर रही हैं।

13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान चलाया जा रहा है। देश में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

छत्तीसगढ़ के लिए 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश ने इस लक्ष्य को पार करते हुए पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है।

ड्रोन से लेकर ई-रिक्शा तक, महिलाओं को नए रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक के जरिए भी आय अर्जित कर रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में उर्वरक और दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। उनके अनुसार, प्रति एकड़ छिड़काव से करीब 300 रुपये की आमदनी होती है और 20 से 25 एकड़ क्षेत्र में काम करके कुछ महिलाएं प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

उन्होंने बताया कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वहीं, जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता का जरिया भी बन रहा है।

नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का सक्रिय भागीदार बनाना चाहती है। स्व-सहायता समूहों को पारंपरिक गतिविधियों के साथ नए व्यवसायों से भी जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी जुड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक महिलाओं के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई साल में करीब 30 हजार रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर हुई हैं।

नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति का लाभ उठाकर उद्यमिता की दिशा में आगे आने की अपील की।

बस्तर में शांति और विकास को लेकर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बाधा रहा है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के प्रयास और स्थानीय लोगों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने दावा किया कि जिन इलाकों में पहले भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश शांति में विश्वास रखता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया जाएगा।

विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ भी अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, वन और खनिज संपदा के साथ यहां के लोगों की सहजता और आत्मीयता प्रदेश की पहचान है। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रदेश की माताएं और बहनें सुरक्षित, सम्मानित और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं का विश्वास और आशीर्वाद सरकार के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके सशक्तिकरण से परिवार, समाज और प्रदेश को नई मजबूती मिलेगी।