सुरेंद्र वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सवाल उठाया कि जिस विभाग में घोटाले के आरोप लगे हैं, उसी विभाग के अधिकारियों से जांच कराना किस हद तक उचित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे “कसाई के हाथ में छुरा देकर बकरे की रखवाली की जिम्मेदारी सौंप दी जाए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में हुए इस कथित घोटाले के प्रथम दृष्टया आरोपी विभागीय मंत्री हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि इस मामले में केवल विभाग ही नहीं, बल्कि पूरी सरकार की भूमिका संदिग्ध है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि साड़ी की गुणवत्ता जांच का काम एक ऐसी कंपनी को दिया गया, जिसका मुख्य कार्य सड़क निर्माण है। इसे उन्होंने गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि इससे पूरे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर होता है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि मंत्री होने के नाते विभाग में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी संबंधित मंत्री की बनती है। उन्होंने कहा कि केवल खराब साड़ियों को बदल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण सामग्री की खरीद में 40 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता हुई है। इसके अलावा सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर के कार्य आवंटन किया गया और हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों में टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया। साथ ही, सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड की खरीद में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पूरा विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है और सरकार इन मामलों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि साड़ी घोटाले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।