ग्राम सभा में ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित, छतौद में नहीं लगेगा स्टील प्लांट

तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत छतौद में प्रस्तावित तरणी स्टील प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने ग्राम सभा में ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया। ग्रामीणों ने पंचायत से प्लांट के लिए एनओसी जारी नहीं करने की मांग की है। करीब 20 एकड़ चारागाह भूमि के औद्योगिक उपयोग की बात सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

Aug 22, 2026 - 10:41
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ग्राम सभा में ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित, छतौद में नहीं लगेगा स्टील प्लांट

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l ग्राम पंचायत छतौद में प्रस्तावित तरणी स्टील प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। ग्राम के महामाया मंदिर के पास आयोजित ग्राम सभा में प्रस्तावित प्लांट को लेकर ग्रामीणों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने प्लांट के पक्ष और विपक्ष में अपनी राय रखी। इसके बाद ध्वनि मत से प्रस्तावित स्टील प्लांट के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया।

ग्राम सभा में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि गांव में प्रस्तावित स्टील प्लांट स्थापित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही ग्राम पंचायत की ओर से प्लांट के लिए एनओसी जारी नहीं करने की मांग की गई। ग्राम सभा में सरपंच, सचिव, पंच, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन किया।

ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जिससे गांव की जमीन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। ग्रामीणों ने कहा कि बड़े उद्योगों की स्थापना से पहले गांव में रोजगार, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विकास को लेकर कई तरह के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन उद्योग स्थापित होने के बाद इन दावों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को कितना मिलता है, यह एक बड़ा सवाल बना रहता है।

प्रस्तावित तरणी स्टील प्लांट के लिए करीब 20 एकड़ चारागाह भूमि के उपयोग की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह भूमि गांव के पशुधन और ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि इस भूमि का औद्योगिक उपयोग किया जाता है तो आने वाले समय में पशुओं के लिए चराई की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को गांव के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

ग्राम सभा में ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी औद्योगिक परियोजना को लेकर फैसला लेते समय स्थानीय लोगों के हित, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से ध्वनि मत के जरिए प्रस्तावित स्टील प्लांट का विरोध किया गया और पंचायत से एनओसी जारी नहीं करने की मांग रखी गई।

ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि गांव की जमीन, चारागाह और पर्यावरण से जुड़े इस मुद्दे पर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।