माओवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर कोनगुड़, 35 लाख के विकास कार्यों की सौगात

फरसगांव विकासखंड के दूरस्थ ग्राम कोनगुड़ में अब विकास और जनसुविधाओं की तस्वीर बदल रही है। सांसद भोजराज नाग और विधायक नीलकंठ टेकाम ने 35 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। 5 लाख रुपये की लागत से अटल डिजिटल सेवा केंद्र का लोकार्पण और 30 लाख रुपये के महतारी सदन का भूमिपूजन किया गया।

Aug 21, 2026 - 19:33
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माओवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर कोनगुड़, 35 लाख के विकास कार्यों की सौगात

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l विकासखंड फरसगांव के दूरस्थ अंचल में स्थित ग्राम कोनगुड़ में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों की चुनौती से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब शासन की योजनाओं, जनसुविधाओं और विकास कार्यों की पहुंच बढ़ रही है। इसी क्रम में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर शासकीय सेवाओं से जोड़ने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र और महिलाओं के लिए महतारी सदन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने गुरुवार को ग्राम कोनगुड़ में कुल 35 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल डिजिटल सेवा केंद्र भवन का लोकार्पण किया गया। वहीं 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महतारी सदन भवन का भूमिपूजन किया गया।

कोनगुड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों की चुनौती के कारण यहां विकास कार्यों को गति देना आसान नहीं था। सड़क, संचार, शासकीय सेवाओं की पहुंच और सुरक्षा जैसी चुनौतियों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अब परिस्थितियों में बदलाव के साथ गांव तक शासन और प्रशासन की पहुंच बढ़ रही है।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ विकास कार्यों के लिए भी रास्ते खुल रहे हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज हुई है। कोनगुड़ में अटल डिजिटल सेवा केंद्र का लोकार्पण इसी बदलाव की महत्वपूर्ण तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

5 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल डिजिटल सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होने की उम्मीद है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए भी कई बार दूर स्थित कार्यालयों तक जाना पड़ता है। इससे समय, श्रम और धन की अतिरिक्त लागत आती है।

डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों की सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और उन्हें अनावश्यक रूप से दूर जाने की जरूरत कम होगी।

यह केंद्र केवल डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीणों और शासन के बीच की दूरी कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डिजिटल युग में दूरस्थ गांवों तक तकनीक और सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है।

कार्यक्रम के दौरान 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महतारी सदन भवन का भूमिपूजन भी किया गया। यह सुविधा क्षेत्र की महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होने की उम्मीद है। महतारी सदन के माध्यम से महिलाओं को एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है, जहां वे विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं से जुड़ सकें।

कोनगुड़ में एक साथ डिजिटल सेवा केंद्र और महतारी सदन जैसे विकास कार्यों की शुरुआत से ग्रामीणों को शासन की सुविधाओं से जोड़ने के साथ महिला केंद्रित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष मानकू राम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।