डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल जांता में विद्यार्थियों ने सीखी स्मरण शक्ति बढ़ाने की तकनीक, स्मार्ट स्टडी और एकाग्रता के दिए टिप्स
बेमेतरा के डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल जांता में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष मेमोरी टेक्नीक एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। माइंड एवं मेमोरी गुरु डॉ. अवधेश पटेल ने विद्यार्थियों को स्मार्ट स्टडी, विज़ुअलाइजेशन, एसोसिएशन, एकाग्रता, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण की तकनीकें बताईं। उन्होंने विद्यार्थियों को रटने के बजाय विषय को समझकर पढ़ने, नियमित दोहराव करने और पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे। प्राचार्य पी. एल. जायसवाल ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले के एकमात्र डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल जांता में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन एवं मेमोरी टेक्नीक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रभावी अध्ययन पद्धति अपनाने, पढ़ी हुई सामग्री को लंबे समय तक याद रखने, एकाग्रता बढ़ाने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जागरूक करने तथा करियर को लेकर सही दिशा प्रदान करना रहा। विशेष सत्र का संचालन माइंड एवं मेमोरी गुरु डॉ. अवधेश पटेल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक समय तक पढ़ने के बजाय स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करने और अध्ययन सामग्री को प्रभावी ढंग से याद रखने की तकनीकों से परिचित कराया।
सत्र के दौरान डॉ. अवधेश पटेल ने विद्यार्थियों को विभिन्न मेमोरी टेक्नीक और अध्ययन विधियों के माध्यम से कठिन विषयों, महत्वपूर्ण तथ्यों, संख्याओं तथा ऐतिहासिक तिथियों को आसानी से याद रखने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि केवल रटने के बजाय विषय को समझकर पढ़ना, अलग-अलग जानकारियों को आपस में जोड़ना और नियमित रूप से दोहराव करना स्मरण शक्ति को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है। उन्होंने विज़ुअलाइजेशन और एसोसिएशन तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किसी जानकारी को चित्र, घटना या पहले से ज्ञात तथ्य से जोड़कर याद करने से उसे लंबे समय तक स्मृति में बनाए रखना आसान हो सकता है।
डॉ. पटेल ने विद्यार्थियों को एकाग्रता बढ़ाने, समय प्रबंधन और बड़े विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ने के उपाय भी बताए। उन्होंने ब्रेन एक्टिवेशन, नियमित अभ्यास, लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाकर निर्धारित अध्ययन योजना के अनुसार तैयारी करें।
परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव और एंग्जायटी को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। डॉ. पटेल ने सकारात्मक माइंडसेट विकसित करने तथा परीक्षा को लेकर अनावश्यक दबाव से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शुरुआत से मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अध्ययन, स्मरण शक्ति, एकाग्रता और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। डॉ. अवधेश पटेल ने सरल उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने सत्र को ज्ञानवर्धक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
विद्यालय के प्राचार्य पी. एल. जायसवाल ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही अध्ययन तकनीक, उचित मार्गदर्शन और अपने लक्ष्य की स्पष्ट समझ भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉ. अवधेश पटेल द्वारा बताए गए मेमोरी टिप्स विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के करियर मार्गदर्शन, जागरूकता एवं अध्ययन-कौशल आधारित कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे।