महासमुंद में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, डिप्टी सीएम अरुण साव को दिखाए काले झंडे
महासमुंद में जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उपमुख्यमंत्री एवं PWD, PHE तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के काफिले को नेहरू चौक पर काले झंडे दिखाए गए और “अरुण साव वापस जाओ” के नारे लगाए गए। कांग्रेस ने शहर की जर्जर सड़कों, पेयजल संकट, अधूरे जल जीवन मिशन, कनाल रोड, बायपास और नए बस स्टैंड की मांगों को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर और शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l क्षेत्र की बदहाल सड़कों, पेयजल संकट और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस ने महासमुंद में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेहरू चौक में राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री अरुण साव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का काफिला जैसे ही नेहरू चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “अरुण साव वापस जाओ” और “विकास विरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के चलते मौके पर राजनीतिक माहौल गरमा गया।
कांग्रेस का कहना है कि महासमुंद शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कांग्रेस के अनुसार, अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने सबसे पहले महासमुंद शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, बीटीआई रोड और तुमगांव रोड समेत शहर की कई प्रमुख सड़कें लंबे समय से खराब हालत में हैं। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इन सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की है।
इसके अलावा अछरीडीह से बिरकोनी, बिरकोनी से बड़गांव, खट्टी कोना मार्ग और बागबहरा से झलप जाने वाली सड़कों की स्थिति को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि इन मार्गों पर गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। कांग्रेस ने लोक निर्माण विभाग से इन सड़कों की स्थिति में तत्काल सुधार की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार और विभाग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि क्षेत्र में पानी की टंकियों के निर्माण और पेयजल आपूर्ति से संबंधित कई कार्य अधूरे पड़े हैं। पार्टी के अनुसार, बड़ी संख्या में पानी की टंकियां अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो सकी हैं, जिसके कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने मांग की कि जल जीवन मिशन के तहत अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा किया जाए और जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या है, वहां स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि योजनाओं पर काम की धीमी गति के कारण आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नगरीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी मांगें सामने रखीं। कांग्रेस नेताओं ने महासमुंद शहर के कनाल रोड निर्माण की पूर्ण स्वीकृति जल्द जारी करने की मांग की। साथ ही शहर में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बायपास रोड तथा आधुनिक नए बस स्टैंड के निर्माण को जल्द मंजूरी देने की मांग की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद की जनता लंबे समय से बदहाल सड़कों, धूल-मिट्टी और पेयजल संकट जैसी समस्याओं से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन जनता को केवल आश्वासन ही मिले।
विनोद चंद्राकर ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। इसके बावजूद महासमुंद की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शहर की मूलभूत समस्याओं और लंबित निर्माण कार्यों में जल्द गति नहीं लाई गई तो कांग्रेस आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।
वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला ने कहा कि महासमुंद की जनता को सड़क, पानी और बेहतर शहरी सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने बीटीआई रोड और तुमगांव रोड की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्य सड़कों की बदहाली के कारण आम लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरमीत चावला ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पानी की टंकियां बनकर तैयार नहीं होंगी या उनका संचालन प्रभावी तरीके से नहीं होगा तो योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी व्यक्तिगत विरोध के बजाय क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि महासमुंद की सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण, पेयजल योजनाओं को पूरा करने, कनाल रोड की स्वीकृति, बायपास रोड तथा नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, दाऊलाल चंद्राकर, संजय शर्मा, खिलावन साहू, अन्नू चंद्राकर, शहर महामंत्री निर्मल जैन, तुलसी साहू, अमन चंद्राकर, ढेलू निषाद, सोमेश दवे, मिंदर चावला, तबरेज खान, दिलीप जैन, सचिन गायकवाड़, शकील खान, पार्षद जय देवांगन, कुणाल चंद्राकर, आवेज खान, अक्षय साकरकर, अनुराग चंद्राकर, आकाश निषाद, राहुल लालवानी, खेमराज ध्रुव, जयश्री दास, लक्ष्मी सोनी, लीलू साहू, सतीश कन्नौजे, दीपक चंद्राकर, मंसूर खान, अब्दुल जावेद, भानु सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महासमुंद में हुए इस प्रदर्शन के बाद स्थानीय राजनीति में जनसुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन का स्वरूप और व्यापक किया जा सकता है। वहीं अब नजर इस बात पर रहेगी कि शासन और संबंधित विभाग महासमुंद की सड़क, पानी और नगरीय विकास से जुड़ी मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।