आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, युवा पीढ़ी को इतिहास जानना चाहिए : देवलाल ठाकुर
कवर्धा में भाजपा जिला कार्यालय में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों के दमन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था और नई पीढ़ी को उस दौर का इतिहास जानना चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में बुधवार को वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं से आज की युवा पीढ़ी को अवगत कराना समय की आवश्यकता है, ताकि लोकतंत्र के महत्व और उसकी रक्षा के लिए हुए संघर्षों को समझा जा सके।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए देवलाल ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था। उस समय संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, हजारों पत्रकारों को जेल में डाला गया तथा लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को बिना किसी अपराध के जेलों में बंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता, बल्कि नागरिकों के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती ही उसकी वास्तविक पहचान है। उनके अनुसार आपातकाल के दौरान इन सभी मूल्यों को कमजोर किया गया और सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का दुरुपयोग किया गया।
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे देश और विदेश में लोकतंत्र के खतरे की बात करते हैं, जबकि उनके पूर्वजों के शासनकाल में देश ने आपातकाल जैसी त्रासदी देखी थी। उन्होंने कहा कि वास्तव में लोकतंत्र पर सबसे बड़ा संकट उसी समय आया था, जब नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया और विरोध की आवाज़ों को दबाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कांग्रेस को परिवार केंद्रित पार्टी बताते हुए कहा कि उसका राष्ट्रहित से कोई सरोकार नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता केवल एक परिवार के हितों के लिए कार्य करते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने बताया कि पार्टी देशभर में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों, लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और उस दौर की वास्तविक घटनाओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम में जसविंदर सिंह बग्गा, परेटन वर्मा, कृष्ण कुमार वैष्णव, भुनेश्वर चंद्राकर, विक्की अग्रवाल, मोहन कश्यप, राजू श्रीवास्तव सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।