थाना परिसर में कबाड़ियों को VIP ट्रीटमेंट पड़ा भारी, बिलासपुर में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

बिलासपुर के कोनी थाना परिसर में अवैध कबाड़ कारोबारियों को कथित VIP ट्रीटमेंट देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक और आरक्षक को रक्षित केंद्र अटैच कर दिया।

May 24, 2026 - 15:46
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थाना परिसर में कबाड़ियों को VIP ट्रीटमेंट पड़ा भारी, बिलासपुर में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। कोनी थाना परिसर में अवैध कबाड़ कारोबारियों को कथित तौर पर VIP ट्रीटमेंट दिए जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को थाना से हटाकर रक्षित केंद्र भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार कोनी थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को पकड़कर थाना लाया गया था। लेकिन थाना परिसर में जो दृश्य सामने आया, उसने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए। वायरल तस्वीर में दोनों आरोपी आराम से बैठकर चाय पीते दिखाई दिए, जबकि उनके सामने प्रधान आरक्षक और आरक्षक मौजूद थे।

तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। आम लोगों का कहना था कि जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्हें थाना परिसर में मेहमानों की तरह बैठाकर चाय पिलाई जा रही थी। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की सख्ती और निष्पक्ष कार्रवाई पर बहस छेड़ दी।

मामले की जानकारी मिलते ही बिलासपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया। जांच के बाद जारी आदेश में कहा गया कि इस प्रकार का व्यवहार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की गंभीरता को कमजोर करता है और इससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

इसके बाद प्रधान आरक्षक क्रमांक 814 बलेश्वर तिवारी और आरक्षक क्रमांक 1263 अनुज जांगड़े को तत्काल प्रभाव से थाना कोनी से हटाकर रक्षित केंद्र, बिलासपुर संबद्ध कर दिया गया। पुलिस विभाग की इस त्वरित कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

घटना के बाद शहर में चर्चा का विषय यह बना हुआ है कि आखिर थाना परिसर में आरोपियों को इतनी सहूलियत क्यों दी जा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि अपराधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा तो इससे पुलिस की सख्त छवि कमजोर पड़ेगी। वहीं कुछ लोग इसे मानवीय व्यवहार का हिस्सा भी बता रहे हैं, लेकिन पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

सोशल मीडिया के दौर में इस तरह की तस्वीरें तेजी से वायरल होती हैं और विभागीय छवि को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि पुलिस प्रशासन अब ऐसे मामलों को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पुलिसकर्मियों को अपने आचरण और व्यवहार में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में थाना स्तर पर निगरानी और सख्त की जा सकती है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।