आरटीई के तहत पढ़ रही छात्रा से फीस वसूली का आरोप, बलरामपुर में डीईओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बलरामपुर में एक अभिभावक ने आरटीई के तहत अध्ययनरत छात्रा से निजी स्कूल द्वारा कथित रूप से अवैध फीस वसूलने का आरोप लगाया है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले में शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

Jul 9, 2026 - 13:12
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आरटीई के तहत पढ़ रही छात्रा से फीस वसूली का आरोप, बलरामपुर में डीईओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत अध्ययनरत एक छात्रा से कथित रूप से अवैध फीस वसूले जाने का मामला सामने आया है। अभिभावक ने निजी स्कूल और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अभिभावक राकेश कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी साईं बाबा पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेशित है, जहां उसे निशुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कई वर्षों तक विभिन्न मदों में फीस वसूली। उनका कहना है कि फीस नहीं देने पर छात्रा के साथ भेदभाव किया गया और उसे समय पर किताबें भी उपलब्ध नहीं कराई गईं।

अभिभावक ने दावा किया है कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में बैंक स्टेटमेंट और ऑनलाइन भुगतान से संबंधित दस्तावेज शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने 23 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कार्रवाई में देरी पर अभिभावक ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शिकायत और साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ रही है तो इसकी निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी मानी राम यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और नियमानुसार मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक साईं बाबा पब्लिक स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अभिभावक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

अब इस मामले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।