बलरामपुर में खुलेगा डेटा एनोटेशन और AI ट्रेनिंग सेंटर, युवाओं व महिलाओं को मिलेगा डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण

बलरामपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है जहाँ डेटा एनोटेशन और एआई ट्रेनिंग के लिए ऐसा सेंटर खुल रहा है ​12वीं पास और स्नातक की पढ़ाई कर चुकी स्व-सहायता समूह की दीदियों और युवाओं को ट्रेनिंग और काम मिलेगा पहले चरण में 10 सीटों वाला सेंटर शुरू होगा, जहाँ एक समर्पित ट्रेनर और गाइड मौजूद रहेंगे।

Sep 30, 2026 - 17:20
 0  2
बलरामपुर में खुलेगा डेटा एनोटेशन और AI ट्रेनिंग सेंटर, युवाओं व महिलाओं को मिलेगा डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले में युवाओं और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। बलरामपुर में डेटा एनोटेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ट्रेनिंग के लिए सेंटर शुरू किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से 12वीं पास और स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं तथा स्व-सहायता समूह की दीदियों को डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण देने के साथ काम के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।

पहले चरण में 10 सीटों वाला सेंटर शुरू किया जाएगा। यहां प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को एक समर्पित ट्रेनर और गाइड की सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं और महिलाओं को एआई से जुड़े विभिन्न कार्यों के साथ डेटा एनोटेशन और डिजिटल प्रोसेसिंग की जानकारी दी जाएगी।

एआई और डेटा से जुड़े कार्यों का मिलेगा प्रशिक्षण

सेंटर में प्रतिभागियों को एआई, डिजिटल स्किल, डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग और क्वालिटी रिव्यू जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कौशलों के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में काम करने के लिए आवश्यक तकनीकी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इस पहल के तहत प्रतिभागियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रशिक्षण के बाद संबंधित डिजिटल कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं एवं महिलाओं को स्थानीय स्तर पर डिजिटल क्षेत्र में काम करने का अवसर मिल सकता है।

प्रिज्मा एआई उठाएगी तकनीकी खर्च

सेंटर की तकनीक, प्रशिक्षण, इंटरनेट, कंप्यूटर और काम करने वाले लोगों के मानदेय से संबंधित खर्च प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन की ओर से सेंटर के लिए आवश्यक स्थान, बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।

लाभार्थियों के चयन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से भी सहायता ली जाएगी। इससे स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और स्थानीय युवाओं को इस पहल से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ने का अवसर

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर युवाओं और महिलाओं के तकनीकी कौशल को बढ़ाना तथा उन्हें डिजिटल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है। स्व-सहायता समूह की दीदियां पारंपरिक आजीविका गतिविधियों के साथ डिजिटल कार्यों से जुड़कर अतिरिक्त आय के अवसर तलाश सकेंगी।

जिले के युवाओं और जनजातीय समुदायों के लिए यह पहल तकनीकी कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण और काम उपलब्ध होने से प्रतिभागियों को अपने क्षेत्र में रहकर नई तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

यह प्रयास स्थानीय युवाओं और महिलाओं में तकनीकी दक्षता बढ़ाने, डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने और ‘लखपति दीदी’ की दिशा में आजीविका के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बलरामपुर को डिजिटल तकनीक और नए रोजगार अवसरों से जोड़ने की दिशा में डेटा एनोटेशन एवं एआई ट्रेनिंग सेंटर एक नई पहल के रूप में सामने आ रहा है।