बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा के सख्त निर्देश, राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में करें निराकरण
बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व पखवाड़ा के तहत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राजस्व मामलों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने 1 अप्रैल से शुरू हुए राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से आम जनता से प्राप्त सभी प्रकरणों का समुचित और समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख सहित जिले के विभिन्न राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से तहसीलवार प्रकरणों की जानकारी ली और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अविवादित और विवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, वृक्ष कटाई की अनुमति, अभिलेख शुद्धता जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व पखवाड़ा शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बी-1, खसरा और नक्शा वितरण को प्राथमिकता देने के साथ ही मुनादी और अन्य माध्यमों से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा, उन्होंने फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेखों में त्रुटि सुधार से जुड़े प्रकरणों को ऑनलाइन अपलोड करने पर जोर दिया। हल्का पटवारियों को समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, पंचनामा सूची की प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा नोटिस और इश्तहार जारी कर संबंधित पक्षकारों को तामील कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकारी सेवाओं का त्वरित और पारदर्शी लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, तो राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण संभव है और इससे आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
इस बैठक के माध्यम से कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।