बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने किया संयंत्र भ्रमण, आधुनिक तकनीक और विकास देख हुए भावुक

बालको ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष संयंत्र भ्रमण का आयोजन किया। पूर्व कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस और पावर प्लांट सहित विभिन्न इकाइयों का दौरा कर आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और बढ़ती उत्पादन क्षमता को देखा। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की यादें साझा करते हुए कंपनी की प्रगति की सराहना की।

Jul 13, 2026 - 17:44
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बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने किया संयंत्र भ्रमण, आधुनिक तकनीक और विकास देख हुए भावुक

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l कोरबा स्थित भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष संयंत्र भ्रमण का आयोजन किया। यह आयोजन केवल औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों के लिए भावनात्मक पल बन गया, जिन्होंने वर्षों तक कंपनी की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वर्षों बाद अपने पुराने कार्यस्थल पर लौटकर कई कर्मचारी भावुक नजर आए और उन्होंने पुरानी यादों को साझा किया।

संयंत्र भ्रमण के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस, पावर प्लांट और अन्य प्रमुख इकाइयों का अवलोकन किया। जिन इकाइयों में कभी उन्होंने कार्य किया था, वहां आज आधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण, बेहतर सुरक्षा मानकों और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता को देखकर उन्होंने संतोष और गर्व व्यक्त किया। कंपनी के प्रतिनिधि विजय बाजपेयी और प्रखर सिंह ने कर्मचारियों को वर्तमान परियोजनाओं, विस्तार योजनाओं और भविष्य की विकास रणनीति की जानकारी भी दी।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी कंपनी की मजबूत नींव हैं। उनके वर्षों के समर्पण और योगदान ने बालको को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कर्मचारियों का दोबारा स्वागत करना और उन्हें कंपनी की नई उपलब्धियों का साक्षी बनते देखना पूरे संगठन के लिए गर्व का विषय है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों बाद संयंत्र का दौरा करना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बालको केवल उनका कार्यस्थल नहीं, बल्कि उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आधुनिक स्वरूप में विकसित होते संयंत्र को देखकर उन्हें गर्व महसूस हुआ और विश्वास जताया कि कंपनी भविष्य में भी औद्योगिक उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूती रहेगी।

सेवानिवृत्त कर्मचारी रघुवर प्रसाद पटेल ने बताया कि जब वे स्मेल्टर में कार्यरत थे, तब उत्पादन क्षमता लगभग एक लाख टन थी, जबकि आज कंपनी दस लाख टन उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से बालको ने विकास की नई गति हासिल की है और टाउनशिप के सौंदर्यीकरण पर भी लगातार कार्य किया गया है।

बंसत तिवारी ने कहा कि आज बालको संयंत्र पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो चुका है। उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया कि भविष्य में भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ऐसे भ्रमण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।

सनत कुमार सोंधिया ने बालको की तुलना एक छोटे पौधे से करते हुए कहा कि आज यह एक विशाल बरगद का रूप ले चुका है। उन्होंने संयंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुरक्षा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता वास्तव में प्रशंसनीय है।

बालको प्रबंधन का मानना है कि ऐसे आयोजन केवल कंपनी की समृद्ध विरासत का सम्मान नहीं करते, बल्कि वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों के बीच अनुभव, ज्ञान और प्रेरणा के आदान-प्रदान का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। इससे संगठन और उसके पूर्व कर्मचारियों के बीच आत्मीय संबंध और अधिक मजबूत होते हैं।