बालको के ‘मल्हार 4.0’ में दिखी सृजनात्मकता और विरासत, 2 हजार से अधिक दर्शकों ने देखी फोटो प्रदर्शनी

बालकोनगर में आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का समापन हुआ। प्रदर्शनी में 280 से अधिक छायाचित्रों के जरिए प्रकृति, बारिश, धरती और बालको की विरासत को प्रदर्शित किया गया, जिसे 2 हजार से अधिक दर्शकों ने देखा।

Aug 11, 2026 - 17:55
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बालको के ‘मल्हार 4.0’ में दिखी सृजनात्मकता और विरासत, 2 हजार से अधिक दर्शकों ने देखी फोटो प्रदर्शनी

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित इस प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता, बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विभिन्न रूपों और कंपनी की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2 हजार से अधिक दर्शकों ने देखा।

‘मल्हार 4.0’ में ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ तीन विषयों पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और अपने आसपास की दुनिया को अलग-अलग दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया। प्रदर्शित प्रत्येक तस्वीर में प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता और रचनात्मक सोच की झलक देखने को मिली।

समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट छायाचित्रों का चयन किया गया। इस वर्ष प्रदर्शनी में ‘दर्शकों की पसंद’ नाम से एक नई श्रेणी भी जोड़ी गई। इसमें प्रदर्शनी देखने पहुंचे लोगों को क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान करने का अवसर दिया गया।

राजेश सिंह ने कहा कि ‘मल्हार’ में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों को सामने लाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘मल्हार’ कर्मचारियों को अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का मंच उपलब्ध कराता है।

उन्होंने कहा कि बालको का प्रयास है कि इस आयोजन को आने वाले समय में और व्यापक बनाया जाए तथा अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को इससे जोड़ा जाए, जिससे रचनात्मक प्रतिभाओं के दृष्टिकोण को बड़े मंच पर साझा करने का अवसर मिल सके।

बालको की कर्मचारी और प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से ‘मल्हार’ में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी प्रदर्शनी में हिस्सा लिया, जिससे उनका अनुभव और अधिक खास रहा। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ मित्रों की तस्वीरों को भी प्रदर्शनी में सुंदर तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए खुशी का अनुभव रहा।

प्रदर्शनी में बालको की विरासत को दर्शाने वाला विशेष फोटो संग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा। इस संग्रह में वर्ष 1965 से लेकर अब तक बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों को कंपनी के विकास और विभिन्न दौर की महत्वपूर्ण झलकियां तस्वीरों के माध्यम से देखने को मिलीं।

फोटोग्राफी के बदलते दौर को प्रदर्शित करने के लिए कैमरों का विशेष संग्रह भी लगाया गया था। इसमें पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक को शामिल किया गया। इस संग्रह ने दर्शकों को फोटोग्राफी की तकनीक में हुए बदलाव और उसके विकास को करीब से समझने का अवसर दिया।

‘मल्हार 4.0’ ने फोटोग्राफी प्रदर्शनी से आगे बढ़कर बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और विविध सोच को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई। प्रदर्शनी में प्रकृति और बालको की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से देखने के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों की प्रतिभा को भी करीब से जानने का अवसर दर्शकों को मिला।