दसलक्षण महापर्व की भक्ति में डूबा तिल्दा-नेवरा, तप-संयम और क्षमाभाव से गूंजा जैन समाज
तिल्दा-नेवरा जैन समाज ने दसलक्षण महापर्व को श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया। पर्व के दौरान अभिषेक, शांतिधारा, पूजन-विधान, उपवास और तपस्या के साथ आत्मशुद्धि एवं संयम का संदेश दिया गया। समाज की ओर से तपस्वियों की साधना की अनुमोदना की गई और 27 सितंबर को धार्मिक जुलूस निकालने की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l जैन धर्म के आत्मशुद्धि, संयम, तप और मोक्षमार्ग की साधना के पर्व दसलक्षण महापर्व को तिल्दा-नेवरा जैन समाज ने श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया। पूरे पर्व के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। समाजजनों ने भगवान जिनेंद्र देव की आराधना करते हुए आत्मकल्याण और विश्वशांति की मंगलकामना की।
पर्व के दौरान प्रतिदिन सुबह 7 बजे समाज के श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित होते थे। सुबह 7:30 बजे विधिवत अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया जाता था। इसके बाद भजन और पूजन के माध्यम से भगवान की आराधना की गई। दोपहर में आयोजित विधान में समाजजनों ने समस्त जीवों के कल्याण, जीव मात्र की रक्षा और विश्व में सुख-शांति की प्रार्थना की।
दसलक्षण महापर्व जैन धर्म में आत्मा के दस उत्तम धर्मों की आराधना का पर्व माना जाता है। उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से मन, वचन और कर्म की शुद्धि का संदेश दिया गया। समाजजनों ने इन धर्मों को जीवन में आत्मसात करने और आत्मा को मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करने की भावना के साथ पर्व मनाया।
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने उपवास, तपस्या और संयम की साधना की। श्रीमती निशा (सुदेश) जैन और श्रीमती नेहा (सुरेंद्र) जैन ने 10 उपवास की साधना पूर्ण की, जबकि श्रीमती किरण (अशोक) नायक ने 16 कारण व्रत की साधना पूर्ण की। समाज के सदस्यों ने तपस्वियों की साधना और त्याग की अनुमोदना की।
दसलक्षण महापर्व के दौरान क्षमा, मैत्री और आत्मशुद्धि पर भी विशेष जोर दिया गया। समाजजनों ने कहा कि पर्व मनुष्य को अपने भीतर के वैर, द्वेष और कटुता को दूर कर सभी के प्रति प्रेम और सद्भाव रखने की प्रेरणा देता है। क्षमा को जीवन में अपनाकर आपसी संबंधों में मधुरता और समाज में मैत्री की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष गौरव जैन, मनोज जैन, महामंत्री शैलेश जैन, कोषाध्यक्ष अमित जैन सहित नरेंद्र जैन, महेंद्र कुमार जैन, मंगल जैन, राकेश जैन, राजेश जैन, प्रफुल्ल जैन, सुदेश जैन, अनिल जैन, सुरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, मनीष जैन, नीटी जैन, सौरभ जैन, नवीन जैन, विकी जैन, रानू जैन, पप्पू जैन, राहुल जैन और निलय जैन सहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे। महिला मंडल से कुसुम जैन, पुष्प जैन, मीना जैन, ममता जैन, अनीता जैन, सोनल जैन, किरण जैन, रानी सौरभ जैन, मोनिका जैन और नेहा जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 सितंबर 2026, रविवार को दसलक्षण महापर्व के उपलक्ष्य में धार्मिक जुलूस निकाला जाएगा। पुरुष सदस्यों से सफेद वस्त्र और महिला सदस्यों से अपने-अपने महिला मंडल की निर्धारित साड़ी पहनकर धार्मिक गरिमा के साथ जुलूस में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
दसलक्षण महापर्व के आयोजन के माध्यम से तिल्दा-नेवरा जैन समाज ने अहिंसा, संयम, तप, त्याग, क्षमा और आत्मशुद्धि का संदेश दिया। पर्व के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव और मैत्री की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।