यह मामला दंतेवाड़ा जिला अंतर्गत सामने आया, जहां एक चलती बस से उतरते समय परिजनों की लापरवाही के कारण एक मासूम बच्ची अपने परिवार से बिछड़ गई। बच्ची के गुम होने की सूचना मिलते ही बचेली पुलिस ने बिना समय गंवाए आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस टीम ने संभावित रास्तों, बस स्टैंड और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तत्काल सर्च अभियान चलाया।
कुछ ही समय के भीतर पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसकी पहचान सुनिश्चित कर सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया। समय पर की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए पुलिस टीम का आभार जताया।
इसी क्रम में मानवता और संवेदनशीलता का एक और उदाहरण देखने को मिला। पेट्रोलिंग के दौरान लेबर हाटमेंट क्षेत्र में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ और घर से भटकी हुई महिला बसंती निषाद पुलिस को मिली। सहायक उपनिरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल महिला को सुरक्षित स्थान पर बैठाया और आवश्यक प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करवाई।
पुलिस द्वारा महिला की पहचान और उसके गृह ग्राम की जानकारी जुटाई गई, इसके बाद पूरे सम्मान और सुरक्षा के साथ उसे उसके घर तक पहुंचाया गया। परिजनों ने बताया कि महिला कई दिनों से लापता थी और उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस की इस पहल ने एक परिवार को दोबारा अपने सदस्य से मिलाया।
वहीं, शहर की यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी प्रहलाद साहू स्वयं सड़कों पर उतरे और पेट्रोलिंग के दौरान गैरेज संचालकों तथा अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों के कारण हो रहे अतिक्रमण को हटवाया। सड़क किनारे फैले सामान को व्यवस्थित कराया गया और लोगों को यातायात में हो रही परेशानी से राहत दिलाई गई।
इस कार्रवाई से न केवल सड़कें साफ-सुथरी हुईं, बल्कि पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिली। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बनी हुई थी।
बचेली पुलिस की यह सक्रियता पूरे छत्तीसगढ़ में पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करती है। गुमशुदा बच्ची को सुरक्षित तलाशना, बेसहारा और अस्वस्थ महिला को इलाज दिलाकर घर पहुंचाना तथा शहर को व्यवस्थित रखने के लिए अतिक्रमण पर कार्रवाई—ये सभी पहल यह दर्शाती हैं कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और संवेदनशील जिम्मेदारियों को भी पूरी गंभीरता से निभा रही है।
इन प्रयासों से आम जनता के बीच पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना लगातार मजबूत हो रही है।