अमरकंटक के मृत्यंजय आश्रम में 25 हजार से अधिक कांवड़ियों, पर्यटकों और साधु-संतों ने ग्रहण की निःशुल्क भोजन प्रसादी

श्रावण मास में अमरकंटक स्थित मृत्यंजय आश्रम में कांवड़ियों, पर्यटकों और साधु-संतों के लिए निःशुल्क भोजन, विश्राम और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक 25 हजार से अधिक लोगों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की है।

Aug 11, 2026 - 18:10
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अमरकंटक के मृत्यंजय आश्रम में 25 हजार से अधिक कांवड़ियों, पर्यटकों और साधु-संतों ने ग्रहण की निःशुल्क भोजन प्रसादी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। पवित्र श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। हजारों शिवभक्त अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कठिन पदयात्रा करते हुए भोरमदेव, डोंगरिया, पंचमुखी बूढ़ा महादेव सहित विभिन्न शिवालयों की ओर आगे बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की इस कठिन यात्रा को सहज और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर अमरकंटक स्थित मृत्यंजय आश्रम में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन प्रसादी, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

श्रावण मास शुरू होने के बाद से अब तक 25 हजार से अधिक कांवड़ियों, पर्यटकों और आश्रम में निवासरत साधु-संतों ने यहां निःशुल्क भोजन प्रसादी ग्रहण की है। आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंच रहे हैं, जिनका आत्मीय स्वागत किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए सुबह और शाम दोनों समय निःशुल्क भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके साथ ही कांवड़ यात्रियों के ठहरने, विश्राम, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। 91 समिति बोल बम से जुड़े लगभग 3 हजार 500 कांवड़ यात्रियों सहित अन्य आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सेवा और सुविधा का विशेष प्रबंध किया गया है। आश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मां नर्मदा का जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकलने वाले शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर श्रद्धालु लंबी दूरी की पदयात्रा करते हुए अपने क्षेत्र के शिवालयों तक पहुंचते हैं। कठिन और लंबी यात्रा के दौरान भोजन, विश्राम और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं। मृत्यंजय आश्रम में इन सुविधाओं की उपलब्धता से कांवड़ यात्रियों को राहत मिल रही है।

आश्रम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सेवा का यह क्रम लगातार जारी है। भोजन प्रसादी के साथ ठहरने और विश्राम की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा रास्ते में पड़ने वाले स्थानों पर कांवड़ यात्रियों के लिए पेयजल और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने सेवा व्यवस्था के लिए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। कांवड़ यात्रियों का कहना है कि अमरकंटक के मृत्यंजय आश्रम में भोजन और विश्राम की व्यवस्था मिलने से उनकी कठिन पदयात्रा काफी सहज हो रही है। लंबी दूरी तय करने वाले शिवभक्तों के लिए आश्रम की यह व्यवस्था राहत देने वाली साबित हो रही है।

श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा को प्राथमिकता देते हुए मृत्यंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और विश्राम की व्यवस्था लगातार संचालित की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने के बावजूद सेवा कार्य को व्यवस्थित तरीके से जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।

अमरकंटक से शुरू होकर भोरमदेव और अन्य शिवालयों तक पहुंचने वाली कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ सेवा और सहयोग का भाव भी दिखाई दे रहा है। मृत्यंजय आश्रम में संचालित निःशुल्क भोजन प्रसादी और विश्राम व्यवस्था इसी सेवा भावना का उदाहरण बन रही है। अब तक 25 हजार से अधिक कांवड़ियों, पर्यटकों और साधु-संतों द्वारा भोजन प्रसादी ग्रहण किया जाना इस सेवा अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।