बस्तर में भारी बारिश को लेकर केदार कश्यप ने सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी
बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए केदार कश्यप ने सभी जिलों के कलेक्टरों से चर्चा कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति और प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों के साथ नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग समेत अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दूरस्थ क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने पर जोर
केदार कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं। राहत दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकता के अनुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने और मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया, ताकि प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
राहत शिविरों में सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न होने वाली संभावित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को भी सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर नजर रखने को कहा गया।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
केदार कश्यप ने नागरिकों से भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की। उन्होंने लोगों से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।