सरकार की लापरवाही से लाखों किसान धान बेचने से होंगे वंचित, धान खरीदी 5 नवंबर से शुरू हो – गोपाल साहू
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने राज्य सरकार से मांग की है कि धान खरीदी की तारीख 15 नवंबर से घटाकर 5 नवंबर की जाए। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण खेतों में भीगा धान खराब होने की कगार पर है। प्रदेश महासचिव सूरज उपाध्याय ने एग्रीस्टेक पोर्टल की तकनीकी खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों किसान पंजीयन से वंचित हैं। पार्टी ने सरकार से किसानों के हित में त्वरित निर्णय लेने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा है कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने का निर्णय पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि किसानों का धान अब खेतों से निकलकर खलिहान तक पहुंच चुका है, लेकिन हाल की बेमौसम बारिश से धान भीग गया है। यदि खरीदी 15 नवंबर से शुरू हुई तो लाखों किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि धान खरीदी 5 नवंबर से प्रारंभ की जाए।
प्रदेश महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने कहा कि इस वर्ष एग्रीस्टेक पोर्टल में केवल 21 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जबकि पिछले साल 28 लाख किसानों ने धान बेचा था। लगभग 7 लाख 88 हजार किसानों के खसरे मेल न खाने से उनका पंजीयन अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह जाएंगे।
प्रदेश संगठन महासचिव उत्तम जायसवाल ने मांग की कि सरकार पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर को आगे बढ़ाए या सोसायटी स्तर पर किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल 25 लाख किसानों से धान खरीदी का लक्ष्य तय कर बाकी किसानों को नजरअंदाज किया है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि बेमौसम बारिश, खाद की कमी और यूरिया संकट के कारण पहले ही किसान परेशान हैं। यदि खरीदी में और देरी हुई तो छत्तीसगढ़ के किसानों पर गहरा आर्थिक संकट मंडराएगा। आम आदमी पार्टी ने सरकार से तुरंत धान खरीदी 5 नवंबर से शुरू करने की मांग की है।