नक्सलमुक्त बस्तर के विकास पर समाज प्रमुखों से संवाद, विजय शर्मा ने मांगा सहयोग

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांकेर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर नक्सलमुक्त बस्तर के समग्र विकास, पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, देवस्थलों के संरक्षण और भटके युवाओं के पुनर्वास पर चर्चा की। बैठक में समाज प्रमुखों ने भी सुझाव दिए और सामाजिक सहभागिता के साथ विकास को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

Jun 27, 2026 - 12:27
 0  2
नक्सलमुक्त बस्तर के विकास पर समाज प्रमुखों से संवाद, विजय शर्मा ने मांगा सहयोग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास, सामाजिक एकता और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर व्यापक चर्चा की। बैठक में पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, पारंपरिक देवस्थलों के संरक्षण, भटके युवाओं के पुनर्वास तथा समाज की सक्रिय भागीदारी से विकास को गति देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी परंपरा, संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहरों से होती है। इन मूल्यों को सुरक्षित रखने में समाज प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन समाज, सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को प्रेरित करने में समाज प्रमुखों का योगदान सराहनीय रहा है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। वर्षों से बंद पड़े हाट-बाजार, मेला-मड़ई फिर से आबाद होने लगे हैं। ग्रामीण अब भयमुक्त वातावरण में जीवन जी रहे हैं और लोगों को पहली बार वास्तविक आजादी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अब विकास की नई योजनाओं के माध्यम से बस्तर को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ बाहरी तत्व स्थानीय लोगों में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि बस्तर के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, जबकि सरकार की स्पष्ट नीति है कि बस्तर का विकास स्थानीय लोगों की भागीदारी और स्थानीय संसाधनों के आधार पर ही होगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैंपों को अब सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की सहायता से स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

बैठक के दौरान विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर के 197 गांवों के पारंपरिक देवस्थलों का राजस्व रिकॉर्ड में चिन्हांकन कर उनका स्थायी पंजीयन किया जा रहा है, ताकि इन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार पेसा एक्ट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को पेसा मोबिलाइजर और समन्वयक के रूप में प्रशिक्षित कर रही है।

समाज प्रमुखों द्वारा जेलों में बंद भटके हुए युवाओं के पुनर्वास का मुद्दा उठाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जेल के भीतर से ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की है। पुनर्वासित युवा स्वयं जेल जाकर अन्य युवाओं को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिक स्तर पर संवाद बढ़ाने और आपसी सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक में सांसद भोजराज नाग ने सामाजिक चिंतन, ग्राम संस्कृति के संरक्षण और विकास में स्थानीय समाज की भागीदारी को आवश्यक बताया। समाज प्रमुखों ने भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें गंभीरता से सुनते हुए विजय शर्मा ने विश्वास दिलाया कि समाज की सहभागिता से नक्सलमुक्त बस्तर के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार लगातार कार्य करती रहेगी।