सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा सफल, रायपुर लौटे 1040 विशिष्टजनों का हुआ भव्य स्वागत
छत्तीसगढ़ शासन की पांच दिवसीय "सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा" सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यात्रा से लौटे प्रदेश के 1040 विशिष्टजनों का रायपुर रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा ने श्रद्धालुओं को भगवान सोमनाथ के दर्शन के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का अनुभव कराया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी "सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा" सफलता के साथ संपन्न हो गई। पांच दिवसीय इस विशेष यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन सकुशल रायपुर लौटे, जहां रेलवे स्टेशन पर उनका पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण के साथ भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। यात्रियों के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और आत्मिक आनंद इस यात्रा की सफलता का प्रतीक दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस सांस्कृतिक यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को केवल भगवान सोमनाथ के प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराना ही नहीं था, बल्कि उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता से भी जोड़ना था। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय गौरव को भी समान महत्व दे रही है।
यात्रा में प्रदेश के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मान से सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों और अन्य विशिष्टजनों ने भाग लिया। इससे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भी अवलोकन किया।
प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया। सोमनाथ मंदिर में आयोजित लाइट एंड साउंड शो ने मंदिर के गौरवशाली इतिहास, पुनर्निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक चेतना की प्रेरक गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसने यात्रियों को गहराई से प्रभावित किया।
पूरी यात्रा के दौरान आवास, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा और परिवहन सहित सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की गईं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे स्वयं पूरी यात्रा में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे तथा प्रत्येक यात्री की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। यात्रियों ने यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें शासन की ओर से परिवार जैसा स्नेह और सम्मान मिला।
रायपुर लौटने पर प्रतिभागियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। उनका कहना था कि वर्षों से संजोई गई सोमनाथ दर्शन की इच्छा शासन की इस निःशुल्क पहल के माध्यम से पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सामाजिक समरसता का प्रेरक अभियान रही।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस यात्रा को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात सरकार और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का भी सहयोग मिला। यात्रियों ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया। "सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा" ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण, राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को नई ऊर्जा देने के साथ छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई पहचान दिलाने का कार्य किया।