जगरगुंडा में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा, लक्ष्मी राजवाड़े ने किया कृतिका महिला संकुल भवन का लोकार्पण
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन के भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l कभी नक्सली हिंसा और भय के कारण पहचाने जाने वाला सुकमा जिले का जगरगुंडा अब विकास, शांति और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनता जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से इस क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिल रही है और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी नई पहल की जा रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान जगरगुंडा स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन, चिंतलनार के भवन का लोकार्पण किया।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनकी आजीविका, स्वरोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने अपने कार्यों, उपलब्धियों और सामने आने वाली चुनौतियों से उन्हें अवगत कराया। मंत्री ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक महिला आर्थिक रूप से सशक्त बने और स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
उन्होंने महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ने, कौशल विकास का लाभ लेने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समूह आधारित कार्य प्रणाली महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मजबूत आधार बन रही है।
मंत्री ने कहा कि जगरगुंडा जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल हिंसा के कारण विकास से वंचित रहे, आज नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में लगातार काम हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और क्षेत्र में विकास का सकारात्मक वातावरण बना है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, बचत, लघु उद्यम और सामूहिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन का नया भवन इन गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित तथा प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे महिलाओं को प्रशिक्षण, बैठक, योजना संचालन और आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से जगरगुंडा सहित पूरे बस्तर में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और यह क्षेत्र विकास, आत्मनिर्भरता तथा सामाजिक परिवर्तन का मजबूत उदाहरण बनकर उभरेगा।