जनपद पंचायत कॉम्प्लेक्स में दुकानों के पीछे अतिरिक्त जगह देने का मामला गरमाया, ₹2.50 लाख की पगड़ी और ₹13 लाख तक की कथित वसूली पर सवाल
तिल्दा-नेवरा जनपद पंचायत के व्यावसायिक परिसर में दुकानों के पीछे अतिरिक्त जगह देने को लेकर सवाल उठे हैं। दस्तावेज में ₹2.50 लाख की पगड़ी राशि का उल्लेख है, जबकि सूत्रों के हवाले से ₹13 लाख तक लिए जाने की चर्चा है। मामले में प्रस्ताव, रसीद, बैंक रिकॉर्ड और जगह की माप की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l जनपद पंचायत तिल्दा-नेवरा के व्यावसायिक परिसर में दुकानों के पीछे अतिरिक्त जगह दिए जाने का मामला अब चर्चा में आ गया है। इस मामले में सामने आए 24 जून 2026 के एक आधिकारिक पत्र में संबंधित दुकान के उन्नयन एवं जीर्णोद्धार के लिए ₹2.50 लाख की पगड़ी राशि जनपद पंचायत में जमा करने का उल्लेख किया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि उक्त पगड़ी राशि वापसी योग्य नहीं होगी तथा अन्य नियम एवं शर्तें जनपद पंचायत द्वारा निर्धारित की जाएंगी।
वहीं दूसरी ओर, सूत्रों के हवाले से कुछ व्यापारियों से दुकानों के पीछे अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने के नाम पर ₹13 लाख तक की राशि लिए जाने की चर्चा सामने आ रही है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि यह बात सही है तो दस्तावेज में दर्ज ₹2.50 लाख और कथित रूप से ली गई राशि के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
प्रस्ताव और नियम पर भी सवाल
प्राप्त दस्तावेज में 11 मई 2026 को हुई सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय एवं पारित प्रस्ताव का उल्लेख किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि समिति के प्रस्ताव में दुकानों के पीछे अतिरिक्त जगह देने का क्या प्रावधान था? कितनी जगह देने की अनुमति दी गई थी और उसके लिए राशि किस आधार पर निर्धारित की गई?
इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि सभी दुकानदारों को समान क्षेत्रफल और समान शर्तों पर जगह दी गई या अलग-अलग नियम लागू किए गए। अतिरिक्त जगह देने से पहले उसका माप, मूल्यांकन और सक्षम स्तर से अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
रिकॉर्ड सामने आने से खुलेगा पूरा मामला
मामले को लेकर अब जनपद पंचायत के रिकॉर्ड की जांच की मांग उठ रही है। 11 मई की सामान्य प्रशासन समिति की बैठक का प्रस्ताव, अतिरिक्त जगह आवंटन का आदेश, संबंधित दुकानदारों से ली गई राशि की रसीदें, बैंक एवं लेखा रिकॉर्ड तथा जगह की माप संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है।
यदि निर्धारित पगड़ी राशि ₹2.50 लाख है और इसके अतिरिक्त किसी व्यापारी से कोई रकम ली गई है, तो उस अतिरिक्त राशि का आधार और उसका आधिकारिक हिसाब स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
फिलहाल जनपद पंचायत के व्यावसायिक परिसर से जुड़े इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आधिकारिक दस्तावेज में ₹2.50 लाख की राशि और ₹13 लाख तक की कथित वसूली की चर्चा के बीच आखिर सच्चाई क्या है? निष्पक्ष जांच और संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।