प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पीएम जन मन योजना में भारी अनियमितताएं, ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

कवर्धा जिले के दलदली–केसमर्दा–रबदा मार्ग में प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत बनी सड़क छह माह में ही जर्जर हो गई है। युवा कांग्रेस नेता आकाश केशरवानी ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Nov 10, 2025 - 15:43
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पीएम जन मन योजना में भारी अनियमितताएं, ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत संचालित “पीएम जन मन योजना” में सड़क निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत दलदली से केसमर्दा होकर रबदा तक निर्मित 2.10 किमी सड़क की हालत महज कुछ महीनों में ही बदहाल हो चुकी है। यह सड़क 119.97 लाख रुपये की लागत और 9.91 लाख रुपये संधारण मद के अंतर्गत बनाई गई थी।

 

प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने बताया कि यह सड़क केवल पांच से छह महीने पहले ही पूरी हुई थी, लेकिन अब इसकी डामर परत उखड़ चुकी है और झाड़ू लगाने पर गिट्टियां बाहर निकल आती हैं। कई स्थानों पर सड़क की सतह पूरी तरह टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जांच में भी पुष्टि हुई कि विकासखंड बोड़ला के पैकेज क्रमांक CG-09/127 (जनमन) के तहत बनी यह सड़क अत्यंत निम्न गुणवत्ता की है। निरीक्षण रिपोर्ट में कार्य को “असंतोषजनक” बताया गया है, जिसके बाद केवल उपअभियंता को औपचारिक रूप से निलंबित किया गया।

आकाश केशरवानी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति है। ठेकेदारों और उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से निम्न गुणवत्ता का कार्य कराया गया, लेकिन बड़े जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, “कवर्धा विधायक और जिला प्रशासन उच्च अधिकारियों को बचाने में लगे हैं। जनता के पैसों से बनी सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ रही हैं, जबकि भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वनांचल और दुर्गम इलाकों में बन रही ग्रामीण सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। अधिकारी केवल कागजी निरीक्षण कर अपने कर्तव्यों की पूर्ति मान लेते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और बरसात के बाद आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। ग्रामीण विकास की इस महत्वाकांक्षी योजना में हो रहे भ्रष्टाचार ने यह साबित कर दिया है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित रहेंगे।