दंतेवाड़ा के फरसपाल मार्ग पर बाघिन की दस्तक, वन विभाग अलर्ट; शावकों की मौजूदगी की आशंका

दंतेवाड़ा जिले के फरसपाल-बिजापुर मार्ग पर मसोड़ी गांव के पास शनिवार देर रात बाघिन को सड़क पार करते देखे जाने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। ट्रक चालक की सूचना पर मौके पर पहुंची टीम को सड़क से करीब 50 मीटर दूर बाघिन के पगमार्क मिले। आसपास मिले पगमार्क के आधार पर बाघिन के साथ शावक होने की आशंका जताई जा रही है। पुष्टि के लिए क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग ने करीब 10 किलोमीटर के दायरे में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।

Aug 10, 2026 - 12:51
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दंतेवाड़ा के फरसपाल मार्ग पर बाघिन की दस्तक, वन विभाग अलर्ट; शावकों की मौजूदगी की आशंका

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले के फरसपाल-बिजापुर मार्ग पर मसोड़ी गांव के पास शनिवार देर रात बाघिन की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक चालक ने देर रात बाघिन को सड़क पार करते हुए देखा। इसके बाद चालक ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क से करीब 50 मीटर दूर बाघिन के पगमार्क मिले। आसपास के क्षेत्र में मिले अन्य पगमार्क के आधार पर वन विभाग ने बाघिन के साथ शावक होने की भी आशंका जताई है। हालांकि, शावकों की मौजूदगी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

बाघिन की सही लोकेशन और उसके मूवमेंट का पता लगाने के लिए वन विभाग क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। कैमरों के माध्यम से बाघिन की आवाजाही, दिशा और उसके साथ शावकों की मौजूदगी की जानकारी जुटाई जाएगी। वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है।

बाघिन की मौजूदगी वाला क्षेत्र ढोलकल पहाड़ी से महज 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। ढोलकल में गणेश जी की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन और ट्रैकिंग के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों वाले क्षेत्र के नजदीक बाघिन की मौजूदगी को लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग ने करीब 10 किलोमीटर के दायरे में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है। मसोड़ी, अलनार, फरसपाल, कुद्देनार और मिडकुलनार सहित आसपास के गांवों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

शाम को डीएफओ सहित वन विभाग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बाघिन के मिले पगमार्क के आधार पर क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभाग इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि बाघिन कहीं राजा बंगला क्षेत्र से भटककर इस इलाके में तो नहीं पहुंची है।

बचेली रेंजर प्रितेश पांडे ने बताया कि 8 अगस्त की देर रात बाघिन के सड़क पार करने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां बाघिन के पगमार्क मिले। आसपास मिले पगमार्क के आधार पर उसके साथ शावक होने की आशंका है। इसकी पुष्टि के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

फिलहाल वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे जंगल और सुनसान इलाकों में अकेले न जाएं तथा बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें।