42 वर्षीय महिला के विशाल एवं बहु-फाइब्रॉइड गर्भाशय का सफल उपचार, 15–16 फाइब्रॉइड निकाले गए
चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, कचांदुर, दुर्ग के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 42 वर्षीय महिला के जटिल मामले का सफल उपचार किया गया। महिला पिछले 5–6 वर्षों से बार-बार गर्भपात, अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव और पेट में बढ़ती गांठ से परेशान थी। लंबे समय तक रक्तस्राव के कारण उसे गंभीर एनीमिया हो गया था और कई बार रक्त चढ़ाना पड़ा। MRI जांच में गर्भाशय का आकार लगभग 22–24 सप्ताह की गर्भावस्था के बराबर पाया गया। गर्भाशय में अलग-अलग स्थानों पर करीब 15–16 बड़े फाइब्रॉइड मौजूद थे। आवश्यक जांच और प्री-ऑपरेटिव तैयारी के बाद टोटल एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की गई। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति अच्छी रही और रिकवरी में कोई बड़ी जटिलता नहीं हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग l चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, कचांदुर, दुर्ग के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 42 वर्षीय महिला के विशाल एवं बहु-फाइब्रॉइड गर्भाशय से जुड़े जटिल मामले का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। महिला लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी।
जानकारी के अनुसार, महिला पिछले लगभग 5–6 वर्षों से बार-बार गर्भपात, अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव और पेट में लगातार बढ़ती गांठ से परेशान थी। लंबे समय तक अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण महिला को गंभीर एनीमिया यानी खून की कमी हो गई थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे उपचार के दौरान कई बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ी।
चिकित्सकीय परीक्षण और MRI जांच में महिला के गर्भाशय का आकार लगभग 22–24 सप्ताह की गर्भावस्था के बराबर पाया गया। बढ़ा हुआ गर्भाशय मध्य पेट तक फैला हुआ था। जांच में गर्भाशय के अलग-अलग हिस्सों में अनेक बड़े फाइब्रॉइड पाए गए। इनमें इंट्राम्यूरल, सबसीरोसल और सबम्यूकोसल फाइब्रॉइड शामिल थे। इनकी स्थिति FIGO टाइप 0 से 7 के अनुरूप बताई गई।
मामले की जटिलता को देखते हुए चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के साथ पहले महिला के गंभीर एनीमिया को नियंत्रित करने और ऑपरेशन के लिए आवश्यक प्री-ऑपरेटिव तैयारी पर ध्यान दिया। मरीज और उसके परिजनों को स्थिति, उपचार प्रक्रिया और संभावित जोखिमों के संबंध में आवश्यक परामर्श देने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया।
इसके पश्चात महिला की टोटल एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी (Total Abdominal Hysterectomy) की गई। ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय से विभिन्न आकार के लगभग 15–16 फाइब्रॉइड निकाले गए। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति संतोषजनक रही और उसकी पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी बिना किसी प्रमुख जटिलता के हुई।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय से अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर एनीमिया, बार-बार गर्भपात और अत्यधिक बढ़े हुए गर्भाशय के कारण यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था। विशेषज्ञ चिकित्सकीय मूल्यांकन, एनीमिया में सुधार, उचित सर्जिकल योजना और सावधानीपूर्वक ऑपरेशन के माध्यम से इसका सफल उपचार किया गया।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य संदेश
गर्भाशय में फाइब्रॉइड एक सामान्य समस्या हो सकती है। समय पर पहचान और उचित उपचार से इससे होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सकता है। महिलाओं को लंबे समय तक या अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव, मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव, बार-बार गर्भपात, पेट या श्रोणि में दर्द अथवा भारीपन और पेट के असामान्य रूप से बढ़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अत्यधिक कमजोरी, चक्कर या सांस फूलना एनीमिया के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। नियमित स्त्री रोग संबंधी जांच और चिकित्सक की सलाह के अनुसार अल्ट्रासाउंड से फाइब्रॉइड का समय पर पता लगाया जा सकता है।
हर फाइब्रॉइड में ऑपरेशन आवश्यक नहीं होता। उपचार का निर्णय फाइब्रॉइड के आकार, संख्या, स्थान, लक्षण, महिला की आयु, भविष्य में गर्भधारण की इच्छा और सामान्य स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाता है।