पेंड्रा में छात्राओं को मिली साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल, नगर पालिका अध्यक्ष ने जांच की मांग उठाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय में कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए पहुंची साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने साइकिलों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सत्यम दीक्षित, गौरेला पेंड्रा मरवाही l जिले के पेंड्रा में छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला पेंड्रा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय का है, जहां कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए साइकिलें पहुंचाई गई हैं। इन साइकिलों की निर्माण गुणवत्ता और स्थिति को लेकर पेंड्रा नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जांच की मांग उठाई है।
विद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए पहुंचाई गई साइकिलों को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या इनका निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया है। उनका कहना है कि छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें मानक के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद साइकिल वितरण व्यवस्था और उनकी गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। छात्राओं के लिए शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली साइकिलों का उद्देश्य उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है। ऐसे में साइकिलों की गुणवत्ता बेहतर होना महत्वपूर्ण माना जाता है।
नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने साइकिलों की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित स्तर पर इसकी जांच कराने की आवश्यकता बताई है। उनका कहना है कि छात्राओं को दी जा रही साइकिलों की गुणवत्ता की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें किसी तरह की कमी है या नहीं।
वहीं, पूरे मामले में अब यह सवाल सामने आया है कि छात्राओं को उपलब्ध कराई गई साइकिलें निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर कितनी खरी उतरती हैं। यदि गुणवत्ता को लेकर कोई कमी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जरूरत होगी।
पेंड्रा के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय में कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए पहुंची इन साइकिलों को लेकर उठे सवालों के बाद अब संबंधित विभाग की जांच पर नजर रहेगी। जांच के बाद ही साइकिलों की वास्तविक गुणवत्ता और लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल नगर पालिका अध्यक्ष की आपत्ति के बाद छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता का मुद्दा चर्चा में है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या साइकिलों की तकनीकी अथवा गुणवत्ता जांच कराई जाती है।