भगवान भोलेनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावना भड़काना गंभीर अपराध: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भगवान भोलेनाथ और सनातन धर्म से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के आराध्य देवी-देवताओं के प्रति अशोभनीय टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को भड़काना गंभीर अपराध है। उन्होंने संबंधित मामलों में कानून के तहत निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई। उप मुख्यमंत्री ने समाज में शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील भी की।

Aug 9, 2026 - 12:10
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भगवान भोलेनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावना भड़काना गंभीर अपराध: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भगवान भोलेनाथ को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के आराध्य देवी-देवताओं के प्रति अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं और धार्मिक आस्थाओं वाला देश है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ रहते हैं। ऐसे में किसी भी धर्म की आस्था और आराध्य के प्रति अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को दूसरे की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या समाज में वैमनस्य फैलाने की अनुमति मिल जाए। धार्मिक विषयों पर टिप्पणी करते समय सभी को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

अरुण साव ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी टिप्पणी या पोस्ट का प्रभाव तेजी से व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है। इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग करते समय कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक विषयों को लेकर विवादित या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचें और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को आगे प्रसारित न करें।

उप मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में पुलिस और प्रशासन से कानून के अनुरूप कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समाज में तनाव पैदा करने या वैमनस्य बढ़ाने का प्रयास किए जाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में संयम और मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचते हुए कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवादित मामले में कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिकायत या आपत्ति होने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि भगवान भोलेनाथ सहित किसी भी धर्म के आराध्य के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में तथ्यात्मक जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के दायरे में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।