कवर्धा वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध लकड़ी परिवहन पर प्रहार, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
कवर्धा वनमंडल ने अवैध लकड़ी परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चिल्फी रेंज में ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित लकड़ी जब्त की। साथ ही धवाईपानी क्षेत्र के ढाबों पर छापेमारी कर अवैध जलाऊ लकड़ी भी बरामद की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत कवर्धा वनमंडल द्वारा वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी और सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में भोरमदेव अभयारण्य के चिल्फी रेंज और कवर्धा वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने अवैध लकड़ी परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ दो अहम कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। इन कार्रवाइयों से क्षेत्र में अवैध कटाई और तस्करी करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, पहली कार्रवाई 1 अप्रैल 2026 की रात्रि को चिल्फी परिक्षेत्र में की गई। वन विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वन क्षेत्र से कीमती लकड़ी का अवैध परिवहन कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वनमंडलाधिकारी के निर्देशन और भोरमदेव के अधीक्षक के मार्गदर्शन में रेंजर चिल्फी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने संदिग्ध मार्गों पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में लकड़ी लदी हुई पाई गई। जब वाहन चालक और साथ मौजूद अन्य लोगों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित लकड़ी को जब्त कर लिया।
इस मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 42 (शास्ति), 52 और 55 के साथ-साथ छत्तीसगढ़ वनोपज (अभिवहन) नियम 2001 के नियम 3, 16, 20 और 22 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21694/2 दिनांक 01.04.2026 के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त सामग्री को चिल्फी रेंज परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
इसके अलावा वन विभाग ने दूसरी कार्रवाई के तहत धवाईपानी क्षेत्र में संचालित होटलों और ढाबों पर आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कटाई और वन्यजीव संरक्षण को सुनिश्चित करना था। संयुक्त टीम द्वारा की गई सघन जांच में मुकेश ढाबा और सरदारजी ढाबा में अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी का भंडारण पाया गया।
वन विभाग ने मुकेश ढाबा से 2 चट्टा और सरदारजी ढाबा से 3 चट्टा जलाऊ लकड़ी जब्त की। दोनों ढाबा संचालकों से जब संबंधित अनुमति और दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने दोनों मामलों में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21614/17 और 21614/18 के तहत मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कटाई, परिवहन और भंडारण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन संपदा के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी तत्काल विभाग को दें। विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वन संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण किया जा सके।