सिस्टम के ‘सिंघम’ कलेक्टर डी. राहुल वेंकट: भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक से तिलमिलाए सियासी हितधारक
MCB जिले के कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की सख्त और पारदर्शी कार्यशैली से वर्षों से जमे भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ है। भू-माफिया और राजस्व कर्मियों की जुगलबंदी टूटने से सियासी स्वार्थों से जुड़े कुछ नेताओं में बेचैनी साफ नजर आ रही है।
UNITED NEWS OF ASIA.,महेंद्र शुक्ल, कोरिया मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)। कहते हैं जब ईमानदारी व्यवस्था में उतरती है, तो भ्रष्टाचार की नींव खुद-ब-खुद हिलने लगती है। MCB जिले में यही तस्वीर इन दिनों देखने को मिल रही है, जहां कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की सख्त, निष्पक्ष और निर्भीक कार्यप्रणाली ने वर्षों से जमी भ्रष्टाचार की परतों को उधेड़ कर रख दिया है।
कलेक्टर वेंकट के पदभार संभालते ही सबसे बड़ा झटका उस भू-माफिया–राजस्व कर्मी गठजोड़ को लगा, जिसने लंबे समय से सरकारी और निजी जमीनों को कागजी खेल के जरिए इधर-उधर कर रखा था। वर्षों से चल रहे इस ‘नेक्सस’ पर कलेक्टर ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए न केवल संदिग्ध मामलों की जांच शुरू कराई, बल्कि कई फाइलों को सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में ला दिया। इससे जिले में सक्रिय भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मच गया।
आज के समय में, जब प्रशासनिक तंत्र में ‘जुगाड़’ और ‘मैनेजमेंट’ को सफलता का पैमाना माना जाने लगा है, ऐसे दौर में डी. राहुल वेंकट जैसे अधिकारी दुर्लभ माने जा रहे हैं। आमजन के बीच यह चर्चा आम है कि उनकी कलम न दबाव में चलती है, न सिफारिश से रुकती है। यही वजह है कि जिले का आम नागरिक पहली बार खुद को प्रशासन के भरोसे सुरक्षित महसूस कर रहा है।
दिलचस्प यह है कि कलेक्टर के खिलाफ कोई ठोस आरोप या मुद्दा सामने नहीं आ पा रहा है। ऐसे में कुछ सियासी चेहरे, जिनकी राजनीति प्रदर्शन और कैमरे तक सीमित रही है, अब बिना मुद्दे के विरोध की राह पर उतरते दिख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो इन गतिविधियों के पीछे असली कारण अपनी कमजोर होती सियासी पकड़ और संभावित टिकट संकट को बचाने की कोशिश है।
सच्चाई यह है कि जब प्रशासन पारदर्शी और सख्त होता है, तो बिचौलियों और दलालों की दुकानें बंद होने लगती हैं। यही पीड़ा इन विरोध प्रदर्शनों के रूप में सामने आ रही है। इसके उलट आम जनता कलेक्टर की कार्यशैली से संतुष्ट है और खुलकर उनके समर्थन में खड़ी नजर आ रही है।
संपादकीय टिप्पणी:
MCB जिले में डी. राहुल वेंकट केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि ईमानदारी और भरोसे का प्रतीक बनते जा रहे हैं। उनकी कार्यप्रणाली उन सभी के लिए सख्त संदेश है, जो सत्ता और राजनीति को निजी लाभ का साधन समझते हैं। यहां साफ है—काम बोल रहा है, और वही जनता का फैसला तय करेगा।