चिरायु योजना से बदली मासूम की जिंदगी, सफल ऑपरेशन के बाद दौड़ने लगा 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु योजना के तहत मुंगेली के 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली का डीकेएस अस्पताल रायपुर में जन्मजात पैरों की बीमारी का निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद अब वह सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर और दौड़ पा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी और पूरी तरह निःशुल्क उपचार की सुविधा के कारण अनेक बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी मुंगेली जिले के ग्राम प्रतापपुर निवासी 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली की है, जिसने चिरायु योजना की बदौलत जन्मजात पैरों की बीमारी से मुक्ति पाई और अब सामान्य बच्चों की तरह दौड़-भाग कर जीवन जी रहा है।
मीर सय्यद सुल्तान अली जन्म से ही पैरों की गंभीर समस्या से पीड़ित था। इस कारण उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी और उसका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगे इलाज की व्यवस्था कर पाना संभव नहीं था। ऐसे समय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत चिरायु दल ने उसकी पहचान कर परिवार को योजना की जानकारी दी।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु दल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका कुर्रे और उनकी टीम ने बच्चे की बीमारी का परीक्षण किया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल भेजा गया। 10 फरवरी 2026 को विशेषज्ञ अस्थि रोग चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की और ऑपरेशन की सलाह दी। सभी आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद 12 मई 2026 को उसका सफल ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का उपचार और पुनर्वास जारी रहा। नियमित फॉलोअप और देखभाल के परिणामस्वरूप अब मीर सय्यद सुल्तान अली पूरी तरह स्वस्थ है। वह बिना किसी सहारे के चल-फिर सकता है और अन्य बच्चों की तरह दौड़ने तथा खेलकूद की गतिविधियों में भी भाग ले रहा है।
बच्चे के पिता वकार अली ने बताया कि यदि चिरायु योजना का सहयोग नहीं मिलता तो इतने बड़े ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि योजना के तहत इलाज पूरी तरह निःशुल्क हुआ, जिससे परिवार को आर्थिक राहत मिली और उनके बेटे को नया जीवन मिला। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम तथा उपचार से जुड़े सभी चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मुंगेली जिले में चिरायु योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। योजना के माध्यम से जन्मजात विकार, पोषण संबंधी समस्याओं, बाल रोगों तथा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार कराया जा रहा है। यह पहल न केवल बच्चों को स्वस्थ जीवन दे रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी बड़ी राहत साबित हो रही है। मीर सय्यद सुल्तान अली की सफलता इस बात का प्रमाण है कि समय पर पहचान और गुणवत्तापूर्ण उपचार से बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सकता है।