मां दंतेश्वरी के दर्शन के साथ बस्तर तिरंगा यात्रा के द्वितीय दिवस का शुभारंभ, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति और विकास का संदेश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली बस्तर तिरंगा यात्रा-2026 के द्वितीय दिवस की शुरुआत दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप ने मां दंतेश्वरी के दर्शन कर बस्तर और प्रदेश की खुशहाली, शांति, समृद्धि एवं विकास की कामना की। प्रथम दिवस नारायणपुर से शुरू हुई बाइक रैली दंतेवाड़ा पहुंची। द्वितीय दिवस यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर के नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ेगी। अंतिम चरण में यात्रा कर्रेगुट्टा पहाड़ी पहुंचेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली बस्तर तिरंगा यात्रा-2026 के द्वितीय दिवस का शुभारंभ दंतेवाड़ा स्थित बस्तर की ईष्ट देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप ने मां दंतेश्वरी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दोनों नेताओं ने बस्तर अंचल और पूरे प्रदेश की खुशहाली, शांति, समृद्धि एवं निरंतर विकास की कामना की।
मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद विजय शर्मा ने तिरंगा यात्रा के द्वितीय दिवस की यात्रा को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती शौर्य, आस्था और त्याग की धरती है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य बस्तर के उन क्षेत्रों तक राष्ट्रभक्ति और विकास का संदेश पहुंचाना है, जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, शांति और विकास का प्रतीक है।
नारायणपुर से दंतेवाड़ा तक पहुंची तिरंगा यात्रा
बस्तर तिरंगा यात्रा के प्रथम दिवस की शुरुआत नारायणपुर से हुई थी। बाइक रैली के रूप में निकली यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार और बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरी इस यात्रा में बड़ी संख्या में बाइक सवार शामिल हुए। मार्ग में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ तिरंगे का स्वागत किया और राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ यात्रा का समर्थन किया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगे का संदेश
बस्तर तिरंगा यात्रा के द्वितीय दिवस में दंतेवाड़ा से यात्रा सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ेगी। यात्रा के माध्यम से इन क्षेत्रों में शांति, विकास और राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र की परिस्थितियों और विकास की संभावनाओं को करीब से समझने का भी प्रयास किया जाएगा।
कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर होगा यात्रा का समापन
बस्तर तिरंगा यात्रा का तृतीय एवं अंतिम चरण बीजापुर से शुरू होगा। यात्रा आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। कर्रेगुट्टा जैसे दुर्गम क्षेत्र में तिरंगा पहुंचना बस्तर में बदलते वातावरण, शांति की स्थापना और विकास की नई संभावनाओं का प्रतीक बताया जा रहा है।
बस्तर तिरंगा यात्रा के माध्यम से ‘नक्सलवाद से आजादी, विकास की ओर बस्तर’ का संदेश दिया जा रहा है। तिरंगे की शान के साथ आगे बढ़ रही यह यात्रा बस्तर के लोगों के विश्वास, साहस और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं को भी स्वर देने का प्रयास कर रही है।