“बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे–मनखे एक समान” — विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा का ऐतिहासिक शुभारंभ
रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक निकली पांच दिवसीय विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। गुरु घासीदास बाबा जी के संदेश “मनखे–मनखे एक समान” के साथ मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA . आमृतेश्वर सिंह , रायपुर | बलौदाबाजार | परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के पावन संदेश “मनखे–मनखे एक समान” को आत्मसात करते हुए विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा का ऐतिहासिक शुभारंभ आज सतनाम भवन, मोवा से किया गया। यह पदयात्रा राजधानी रायपुर से प्रारंभ होकर बाबा की जन्मभूमि गिरौदपुरी धाम तक पहुंचेगी।
राजागुरु धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सान्निध्य एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की शुभकामनाओं के साथ श्वेत ध्वज दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया गया। यह यात्रा पांच दिनों तक प्रदेश में सामाजिक चेतना, समानता और सद्भाव का संदेश प्रसारित करेगी।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में निकली इस विराट पदयात्रा का प्रथम दिवस अत्यंत अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 35 किलोमीटर की सफल यात्रा पूर्ण कर रात्रि विश्राम सारागांव में निर्धारित किया गया।
पूरे मार्ग में पंथी दलों की मनोहारी प्रस्तुतियां, सतनाम अखाड़ा दलों का शौर्य प्रदर्शन, पारंपरिक वेशभूषा और साहेब सतनाम के जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। विधानसभा क्षेत्र, सेमरिया, दोंदेखुर्द एवं दोंदेकला सहित विभिन्न गांवों एवं नगरों में पदयात्रियों का पुष्पवर्षा, गजमाला और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया।
यात्रा के साथ-साथ आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, लोकनृत्यों और लोकगीतों की जीवंत प्रस्तुति दी गई। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपरा से जोड़ने की प्रेरणादायी पहल भी है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। चिकित्सा दल और एंबुलेंस सेवाएं लगातार पदयात्रा के साथ चल रही हैं, जिससे आयोजन सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह यात्रा केवल मार्ग की नहीं, बल्कि हृदयों के मिलन की यात्रा है। “मनखे–मनखे एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे को मजबूत करना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।
पदयात्रा में अखिल भारतीय सतनाम सेना के पदाधिकारी,
विधायकगण, विभिन्न बोर्ड-आयोग-मंडल-निगमों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। अंत में गुरु घासीदास बाबा जी के चरणों में नमन करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।