वेदांता पावर ने स्वतंत्रता दिवस पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई
वेदांता पावर लिमिटेड ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, घरेलू कोयले की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता के विस्तार और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण के माध्यम से देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने पर जोर दे रही है। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2033 तक बिजली उत्पादन क्षमता को 12 गीगावॉट तक बढ़ाना है।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l वेदांता पावर लिमिटेड ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया है। कंपनी का कहना है कि विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, घरेलू ईंधन की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता में दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दिया जा रहा है।
वेदांता पावर की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4.78 गीगावॉट है, जिसमें 4.18 गीगावॉट क्षमता प्रचालन में है और 0.6 गीगावॉट क्षमता को प्रचालन में लाने की प्रक्रिया जारी है। कंपनी की ताप विद्युत इकाइयां पंजाब, आंध्रप्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में स्थित हैं। कंपनी की लगभग 74 प्रतिशत क्षमता दीर्घ और मध्यम अवधि के बिजली खरीद समझौतों से जुड़ी है, जबकि प्रचालन क्षमता का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा घरेलू कोयला आपूर्ति से संबद्ध है।
कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति में ईंधन सुरक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। वेदांता पावर के प्रचालन पोर्टफोलियो का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया की सहायक कंपनियों महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के साथ दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति समझौतों से जुड़ा है। पंजाब स्थित तलवंडी साबो ताप विद्युत संयंत्र को अपनी कोयला आवश्यकता का 100 प्रतिशत लिंकेज ईंधन एसईसीएल और एनसीएल से प्राप्त होता है, जबकि ओडिशा स्थित झारसुगुड़ा ताप विद्युत संयंत्र को एमसीएल से 100 प्रतिशत लिंकेज ईंधन मिलता है।
वेदांता पावर अपने संयंत्रों में ईंधन स्रोतों के विविधीकरण पर भी काम कर रही है। आंध्रप्रदेश स्थित मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड के संयंत्र में कंपनी आयातित कोयले पर आधारित ईंधन व्यवस्था से घरेलू कोयले की ओर बदलाव कर रही है। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करने, ईंधन सुरक्षा बढ़ाने और वैश्विक ईंधन बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रभाव को सीमित करना है।
वेदांता पावर लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा देश की आर्थिक स्वायत्तता और दीर्घकालिक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विश्वसनीय और सुलभ बिजली आपूर्ति जरूरी है। कंपनी घरेलू ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने, निर्बाध बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने और उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के माध्यम से राष्ट्रीय ऊर्जा लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग के बीच स्वच्छ एवं नई ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के साथ विश्वसनीय ताप विद्युत भी देश की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेगी।
वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि भारत की चहुंमुखी प्रगति के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण है। सक्ती थर्मल प्लांट में सुरक्षा, विश्वास और कामकाज के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार के साथ कंपनी देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वेदांता पावर ने वित्तीय वर्ष 2033 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12 गीगावॉट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी इस विस्तार के माध्यम से देश के शीर्ष तीन ताप विद्युत उत्पादकों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी के अनुसार भारत में आधारभूत बिजली की मांग और चौबीस घंटे विश्वसनीय बिजली की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में ताप विद्युत की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।
कंपनी अपनी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के तहत परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाओं का आकलन कर रही है। वेदांता पावर का मानना है कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए संतुलित दृष्टिकोण जरूरी है, जिसमें विश्वसनीय पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथ स्वच्छ, आधुनिक और लचीले ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया जाए।
कंपनी के अनुसार परमाणु ऊर्जा जैसे स्रोत चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और भारत को कम-कार्बन ऊर्जा व्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। अर्थव्यवस्था के विस्तार और बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि के बीच वेदांता पावर घरेलू ईंधन की स्थिर उपलब्धता, निर्बाध बिजली उत्पादन और बिजली अधोसंरचना में दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है।