अमेरिका में भारतीयों के ग्रीन कार्ड पर संकट? EB-1 कोटा खत्म होने की चेतावनी

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने EB-1 वीजा कैटेगरी को लेकर चेतावनी जारी की है। ज्यादा मांग और वीजा के अधिक इस्तेमाल के चलते वित्त वर्ष 2026 खत्म होने से पहले भारत के लिए तय EB-1 सीमा पूरी होने की संभावना जताई गई है। इससे ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय आवेदकों पर असर पड़ सकता है।

Sep 8, 2026 - 10:01
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अमेरिका में भारतीयों के ग्रीन कार्ड पर संकट? EB-1 कोटा खत्म होने की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए अहम खबर सामने आई है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने EB-1 वीजा कैटेगरी को लेकर सितंबर के वीजा बुलेटिन में चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, भारत से इस कैटेगरी में ज्यादा मांग और वीजा के इस्तेमाल के चलते वित्त वर्ष 2026 समाप्त होने से पहले ही भारत के लिए निर्धारित EB-1 सीमा पूरी हो सकती है। अमेरिका का वित्त वर्ष 30 सितंबर को समाप्त होता है।

स्टेट डिपार्टमेंट की चेतावनी के बाद उन भारतीय आवेदकों की चिंता बढ़ सकती है, जो रोजगार आधारित EB-1 कैटेगरी के जरिए अमेरिकी ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि यदि आने वाले हफ्तों में मांग इसी तरह बनी रही तो भारत के लिए उपलब्ध सीमा पूरी होने के कारण EB-1 कैटेगरी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

अमेरिकी वीजा बुलेटिन में बताया गया है कि भारत से जुड़े विदेशी नागरिकों की EB-1 वीजा मांग लगातार अधिक बनी हुई है। विभाग इस स्थिति पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार वीजा उपलब्धता में बदलाव किए जा सकते हैं। ऐसे में आवेदकों के लिए आने वाले सप्ताह महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

EB-1 कैटेगरी रोजगार आधारित इमिग्रेशन की प्रमुख श्रेणियों में शामिल है। इसके तहत असाधारण क्षमता रखने वाले लोग, उत्कृष्ट प्रोफेसर और शोधकर्ता तथा कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रबंधकीय या कार्यकारी स्तर के कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं। इस कैटेगरी के माध्यम से पात्र आवेदकों को अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने का रास्ता मिलता है।

अमेरिकी इमिग्रेशन कानून के तहत रोजगार आधारित प्राथमिकता श्रेणियों के लिए वार्षिक सीमा निर्धारित है। स्टेट डिपार्टमेंट के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट की धारा 201 के तहत दुनियाभर के लिए रोजगार आधारित प्राथमिकता सीमा 186,317 है। इसके अलावा सामान्य नियमों के तहत किसी एक देश के लिए रोजगार आधारित कुल वार्षिक सीमा का अधिकतम 7 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया जाता है। यह संख्या 28,862 के आसपास बैठती है।

भारत जैसे बड़ी संख्या में आवेदकों वाले देशों के लिए यह सीमा महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिक मांग की स्थिति में आवेदकों को वीजा उपलब्धता और प्राथमिकता तिथियों में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव प्रत्येक आवेदक की प्राथमिकता तिथि, वीजा उपलब्धता और मामले की स्थिति पर निर्भर करेगा।

स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि यदि भारत के लिए EB-1 सीमा वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी हो जाती है, तो इस कैटेगरी में वीजा जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विभाग आने वाले समय में मांग और उपलब्ध संख्या की लगातार निगरानी करेगा।

ऐसे में अमेरिका में स्थायी निवास की प्रक्रिया में शामिल भारतीय आवेदकों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन और आने वाले अपडेट खास महत्व रखते हैं। वित्त वर्ष 2026 की समाप्ति के बाद नई वीजा उपलब्धता और अगले वित्त वर्ष के नियमों के आधार पर स्थिति में बदलाव संभव है।