CM सुवेंदु अधिकारी का दुर्गा पूजा पर बड़ा ऐलान, पूजा समितियों को 1 लाख अनुदान, अष्टमी पर शराब बिक्री बंद

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने कई अहम घोषणाएं की हैं। कम बजट वाली पूजा समितियों को एक लाख रुपये का सरकारी अनुदान, मुफ्त बिजली और फायर सेफ्टी लाइसेंस शुल्क में छूट देने की बात कही गई है। महाअष्टमी के दिन शराब की दुकानों और बार को बंद रखने का भी ऐलान किया गया है।

Sep 8, 2026 - 09:58
 0  2
CM सुवेंदु अधिकारी का दुर्गा पूजा पर बड़ा ऐलान, पूजा समितियों को 1 लाख अनुदान, अष्टमी पर शराब बिक्री बंद

UNITED NEWS OF ASIA. कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर कई अहम फैसलों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों के साथ तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक के बाद कम बजट वाली दुर्गा पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपये के सरकारी अनुदान सहित कई सुविधाओं का ऐलान किया। इसके साथ ही पूजा समितियों को मुफ्त बिजली और अनिवार्य फायर सेफ्टी लाइसेंस के शुल्क में छूट देने की घोषणा भी की गई है।

सरकार की ओर से घोषित योजना के तहत कम बजट वाली दुर्गा पूजा समितियों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित पूजा समितियों को स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा। सरकार का कहना है कि आर्थिक सहायता का उद्देश्य पूजा आयोजनों को बेहतर तरीके से संचालित करने में समितियों की मदद करना है।

दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में पूजा समितियों से त्योहार की पवित्रता और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान बनाए रखने की अपील की गई। समितियों से कहा गया है कि मूर्तियों, पंडालों और थीम के माध्यम से ऐसी कोई प्रस्तुति न की जाए, जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। प्रशासन की ओर से पूजा और विसर्जन कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है।

मूर्ति विसर्जन के दौरान निकलने वाले जुलूसों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विसर्जन जुलूसों में डीजे बजाने पर रोक रहेगी। प्रशासन की ओर से आयोजकों से नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण माहौल में विसर्जन संपन्न कराने की अपील की गई है।

दुर्गा पूजा के दौरान शराब की बिक्री को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। महाअष्टमी के दिन राज्य में ड्राय डे रहेगा। इस दौरान शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। शराब की दुकानों के साथ-साथ बार भी बंद रहेंगे। सरकार का यह फैसला त्योहार के दौरान धार्मिक माहौल और व्यवस्था बनाए रखने से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसके अलावा पूजा समितियों को बिजली से संबंधित सुविधा देने की भी घोषणा की गई है। कम बजट वाली समितियों को आर्थिक सहायता के साथ मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई है। फायर सेफ्टी से जुड़े अनिवार्य लाइसेंस के शुल्क में छूट देने से भी पूजा समितियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा की शुरुआत महालय से पहले नहीं की जाएगी। पूजा आयोजनों को पारंपरिक त्योहार कैलेंडर के अनुसार संचालित करने पर जोर दिया गया है। इससे पूजा कार्यक्रमों को निर्धारित परंपराओं और तिथियों के अनुरूप आयोजित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

दुर्गा पूजा को लेकर घोषित इन फैसलों में आर्थिक सहायता, सुरक्षा, धार्मिक भावनाओं के सम्मान और त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। पूजा समितियों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आयोजन करने की अपील की गई है।