जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9 बजे औंधी से लगभग 8 किलोमीटर दूर हालेपल्ली–गट्टेपाइली मार्ग पर राहगीरों ने एक बाघ को सड़क पार करते हुए देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ कुछ देर तक सड़क के आसपास नजर आया और इसके बाद जंगल की ओर चला गया। दिन के समय मुख्य मार्ग पर बाघ के दिखाई देने से वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।
इसके बाद शाम के समय मोरचूल–गट्टेपाइली क्षेत्र में भी बाघ की आवाजाही की सूचना ग्रामीणों से मिली। आसपास के जंगल क्षेत्र से बाघ की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खेतों और जंगल की ओर जाने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
औंधी क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाले इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। ऐसे में आबादी और मुख्य रास्तों के आसपास बाघ की मौजूदगी से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के लगातार दिखाई देने से खेतों में काम करने वाले किसानों और जंगल से लगे गांवों के लोगों में भी भय का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों को विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अकेले जंगल की ओर नहीं जाने तथा बाघ की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। लोगों से कहा गया है कि बाघ दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या उसे परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में बाघ की लगातार गतिविधि को देखते हुए वन विभाग को निगरानी और बढ़ाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वरिष्ठ वन अधिकारी स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं।
व्यापारी सूरज रॉय ने भी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर चिंता जताते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और वन विभाग से प्रभावी निगरानी की मांग की है।
फिलहाल वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की गई है। क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।