सुकमा में नया सुरक्षा कैंप स्थापित, माओवाद प्रभावित इलाके में मजबूत होगी पकड़, विकास को मिलेगी रफ्तार
सुकमा जिले के अति संवेदनशील ग्राम पेदाबोड़केल में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत खुले इस कैंप से नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व विकास को गति मिलेगी।
UNITED NEWSW OF ASIA. रीजेंट गिरी सुकमा जिले में माओवाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन एवं सुरक्षा बलों द्वारा जिले के अति संवेदनशील ग्राम पेदाबोड़केल में 10 दिसंबर को नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई है। यह कैंप राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव, आपका अच्छा जंगल) के अंतर्गत स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।
यह सुरक्षा कैंप सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देशन में स्थापित किया गया है। पेदाबोड़केल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कैंप खुलने से नक्सल विरोधी अभियानों को नई मजबूती मिलेगी। इससे माओवादियों की आवाजाही, उनके नेटवर्क और प्रभाव पर प्रभावी अंकुश लगेगा। सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति से नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था भी बेहतर होगी।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह सुरक्षा कैंप एक बड़े भरोसे का प्रतीक बनकर उभरा है। लंबे समय से नक्सल हिंसा और डर के माहौल में रहने वाले ग्रामीण अब स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा के साथ-साथ अब विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, पेयजल और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दूरस्थ गांवों तक आसानी से पहुंच सकेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत कुल 22 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन कैंपों की वजह से न केवल नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा का दायरा बढ़ा है, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद और विश्वास भी मजबूत हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगातार सुरक्षा कैंपों की स्थापना से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अब खुलकर सुरक्षा बलों से संवाद कर रहे हैं और विकास कार्यों में सहयोग भी बढ़ा है। अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा और विकास के समन्वय पर आधारित यह रणनीति नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।
सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में नए सुरक्षा कैंप की स्थापना यह संकेत देती है कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बल नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में इससे क्षेत्र में स्थायी शांति और समृद्धि की राह और मजबूत होने की उम्मीद है।