शक्कर 70 रुपये किलो तक पहुंचने पर सुशील सन्नी अग्रवाल का सरकार पर हमला, बोले—महंगाई ने गरीब-मध्यम वर्ग की कमर तोड़ी

रायपुर में कांग्रेस नेता सुशील सन्नी अग्रवाल ने शक्कर और चावल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि शक्कर के दाम 30-40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि चावल की कीमतों में एक साल में 11.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार से खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

Aug 22, 2026 - 15:05
Aug 22, 2026 - 15:44
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शक्कर 70 रुपये किलो तक पहुंचने पर सुशील सन्नी अग्रवाल का सरकार पर हमला, बोले—महंगाई ने गरीब-मध्यम वर्ग की कमर तोड़ी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सुशील सन्नी अग्रवाल ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई का सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उनके अनुसार चावल और शक्कर सहित कई खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीते एक साल में चावल के दाम औसतन 11.5 फीसदी बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल पिछले एक महीने के दौरान चावल की कीमत में करीब 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। चावल रोजमर्रा के भोजन का प्रमुख हिस्सा होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ रहा है।

उन्होंने शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी चिंता जताई। सुशील सन्नी अग्रवाल के अनुसार एक महीने पहले तक 30 से 40 रुपये किलो के आसपास बिकने वाली शक्कर अब कई जगहों पर 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 30 दिनों में शक्कर की कीमत में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। शक्कर के दाम बढ़ने से चाय, मिठाई और अन्य घरेलू जरूरतों से जुड़े खर्च भी प्रभावित हो रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जनता रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की बढ़ती कीमतों से परेशान है, लेकिन महंगाई के खिलाफ अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई जा रही है।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने कहा कि सरकारी आंकड़े खुद महंगाई की स्थिति को सामने रख रहे हैं। उनके अनुसार चावल की कीमत में सालाना आधार पर 11.5 फीसदी की वृद्धि और शक्कर के दाम में तेज उछाल आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने विशेष रूप से शक्कर और चावल के साथ अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी निगरानी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार को बाजार में कीमतों की स्थिति की समीक्षा कर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बढ़ती महंगाई पर जल्द ध्यान नहीं दिया और खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता को राहत दिलाने के लिए महंगाई के मुद्दे पर आवाज लगातार उठाई जाएगी।