सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बटार में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित
बेमेतरा जिले की ग्राम पंचायत बटार में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जल जन सेवा संकल्प के तहत जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को जल संरक्षण, पेयजल के उचित उपयोग और जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पानी की एक-एक बूंद बचाने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जल जन सेवा संकल्प के तहत ग्राम पंचायत बटार में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों के बीच जल के महत्व, जल संरक्षण और पेयजल के समुचित उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। इस दौरान ग्रामीणों को पानी की उपयोगिता समझाते हुए जल स्रोतों को सुरक्षित रखने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। लोगों ने जल की एक-एक बूंद को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार किया जाए और अनावश्यक रूप से पानी बहाने से बचा जाए।
इस अवसर पर नल-जल व्यवस्था के उचित उपयोग को लेकर भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि नलों को आवश्यकता से अधिक समय तक खुला न छोड़ा जाए और पानी की किसी भी तरह की अनावश्यक बर्बादी को रोका जाए। इसके साथ ही पेयजल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा आसपास गंदगी नहीं फैलाने की बात कही गई।
जल संरक्षण के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में वर्षा जल के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ग्रामीणों से कहा गया कि बारिश के पानी को अधिक से अधिक संरक्षित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं, ताकि भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। जल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी ग्रामीणों को जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बटार के सरपंच भुनेश्वर चंद्राकर, उपसरपंच, पंचायत सचिव, नल-जल ऑपरेटर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और जल संरक्षण से संबंधित जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल किसी एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित रहने वाला विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि रोजमर्रा की जिंदगी में पानी की बर्बादी को रोका जाए और उपलब्ध जल स्रोतों का संरक्षण किया जाए, तो गांव को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
ग्रामीणों से आह्वान किया गया कि वे अपने घरों में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें, नल को अनावश्यक रूप से खुला न छोड़ें, जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और वर्षा जल के संरक्षण में भागीदारी निभाएं। प्रत्येक परिवार यदि जल संरक्षण को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।