अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता शपथ, स्वच्छता अभियान, स्वच्छता विषयक नुक्कड़ नाटक, सामूहिक श्रमदान, स्वच्छता पाठशाला तथा स्वच्छता संदेश आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वच्छ वातावरण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ अपने घर और आसपास के क्षेत्रों को भी स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वच्छता के प्रति जागरूकता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी से जोड़ते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना महिला इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कविता कन्नौजे ने किया। उनके मार्गदर्शन में रासेयो स्वयंसेविकाओं ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की। वहीं पुरुष इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश चंदेल के नेतृत्व में रासेयो स्वयंसेवकों ने भी अभियान की गतिविधियों में भाग लिया।
स्वच्छता अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। स्वच्छता पाठशाला के माध्यम से भी स्वच्छता के महत्व और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
महाविद्यालय में यह अभियान 17 सितंबर से प्रारंभ हुआ है। अभियान के तहत समय-समय पर स्वच्छता और जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 अक्टूबर को “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों द्वारा महाविद्यालय में समय-समय पर स्वच्छता जागरूकता और सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों की सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अभियान के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ स्वच्छता को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय परिसर के साथ-साथ विद्यार्थियों के घर और आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।