स्वास्थ्य जांच के दौरान अस्वस्थ पाए गए पशुओं का उपचार किया गया, जबकि स्वस्थ गौवंशों का टीकाकरण किया गया। अभियान के तहत घुमंतू नर पशुओं का बधियाकरण भी किया गया। इसका उद्देश्य अनियंत्रित पशु संख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के साथ पशुधन प्रबंधन को व्यवस्थित करना बताया गया है।
गौधाम में पशुओं की स्वास्थ्य जांच
स्वर्ण जयंती गौधाम में बड़ी संख्या में गौवंश संरक्षित हैं। अभियान के दौरान पशुपालन विभाग की टीम ने अलग-अलग पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण किया। जांच में जिन पशुओं में बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें आवश्यक उपचार दिया गया।
स्वस्थ पशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया। पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार को उनकी बेहतर देखभाल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौसेवकों और संचालन समिति का सहयोग
स्वास्थ्य जांच एवं उपचार अभियान के दौरान गौधाम संचालन समिति और गौसेवकों का भी सहयोग मिला। पशुओं की पहचान, उन्हें जांच के लिए उपलब्ध कराने और उपचार के दौरान आवश्यक व्यवस्था में सहयोग किया गया।
अभियान के तहत घुमंतू नर पशुओं का बधियाकरण भी किया गया। पशुपालन विभाग की टीम ने आवश्यक प्रक्रिया को चिकित्सकीय निगरानी में पूरा किया।
बोड़ला में चारा-पानी और दवाइयों की व्यवस्था
इसी क्रम में बोड़ला तहसील के अंतर्गत वन विभाग के डिपो में रखे गए गौवंशों की देखभाल के लिए नगर पंचायत की ओर से चारा, पानी और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
वहां मौजूद पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए पशुपालन विभाग बोड़ला की टीम सक्रिय है। विभागीय टीम नियमित रूप से पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर रही है और जरूरत के अनुसार उपचार एवं अन्य चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
नियमित निगरानी पर जोर
अभियान के तहत गौवंशों को समय पर उपचार, टीकाकरण और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। पशुओं की स्थिति के अनुसार विभागीय टीम आगे भी स्वास्थ्य जांच और उपचार की प्रक्रिया जारी रखेगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत की गई इस पहल में पशुपालन विभाग, नगर पंचायत, गौधाम संचालन समिति और गौसेवकों के समन्वय से पशुधन की देखभाल की जा रही है। इससे संरक्षित और जरूरतमंद गौवंशों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।