जानकारी के अनुसार, ग्राम कोटरी का एक परिवार बलरामपुर से खरीदारी करने के बाद अपने घर लौट रहा था। परिवार के तीन सदस्य शॉर्टकट रास्ते से कन्हर नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर की ओर से अचानक बाढ़ का पानी आने लगा। पानी का बहाव बढ़ता देख परिवार के सदस्य घबरा गए और नदी के बीच स्थित एक टापू पर जाकर फंस गए।
शाम 6:30 बजे मिली सूचना
घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम बलरामपुर को शाम करीब 6:30 बजे मिली। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। प्रशासन की निगरानी में पुलिस बल और नगर सेना की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और बचाव अभियान शुरू किया गया।
कन्हर नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति थी। इसके बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद मोटरबोट की मदद से नदी के बीच टापू तक पहुंच बनाई गई।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला
लगभग पांच घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान सरजू राम (60 वर्ष), राजकुमारी (55 वर्ष) और फूलमनिया (35 वर्ष) के रूप में हुई है।
अभियान रात करीब 11:45 बजे तक चला। टीम ने नदी के तेज बहाव के बीच सावधानीपूर्वक तीनों लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
रेस्क्यू अभियान जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में चलाया गया। इसमें तहसीलदार, थाना प्रभारी, बाढ़ बचाव दल के प्रभारी अखिलेश कुमार, उप निरीक्षक धर्मजीत नेताम और नगर सेना के मेजर के नेतृत्व में टीम ने काम किया।
मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की तत्परता और अभियान के दौरान किए गए प्रयासों की सराहना की।
नदी-नालों को पार न करने की अपील
घटना के बाद जिला प्रशासन ने बारिश के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि उफनती नदियों, नालों और जलमग्न रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। अचानक बढ़ने वाला जलस्तर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 या जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 07831-273002 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और जोखिम वाले रास्तों से आवागमन से बचें।