अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के कारण होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करना और दैनिक जीवन में प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान नागरिकों को घर और आसपास के क्षेत्र में निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने की आवश्यकता के बारे में बताया गया।
अलग-अलग कचरे के लिए रखे गए डस्टबिन
आयोजन स्थल पर कचरे के अलग-अलग प्रकारों के लिए अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था की गई। इनमें सूखा कचरा, गीला कचरा, कांच और धातु तथा जैविक एवं अन्य अपशिष्ट के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई।
स्वयंसेवकों ने नागरिकों को बताया कि कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग-अलग करने से उसके उचित निपटान में सुविधा होती है। इससे पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करना आसान होता है, जबकि जैविक कचरे से खाद तैयार करने की प्रक्रिया भी बेहतर तरीके से की जा सकती है।
कपड़े के थैलों के इस्तेमाल पर जोर
अभियान के दौरान नागरिकों को बाजार और दैनिक जरूरतों के लिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैग की जगह कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को बताया गया कि बार-बार इस्तेमाल किए जा सकने वाले कपड़े के थैले प्लास्टिक बैग की निर्भरता को कम करने में मदद कर सकते हैं।
अभियान के दौरान कई परिवारों ने कपड़े के थैले अपनाने की पहल की। वहीं दुकानदारों ने भी ग्राहकों को प्लास्टिक बैग उपलब्ध नहीं कराने और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कचरा कम करने की दी जानकारी
जागरूकता अभियान में घरेलू स्तर पर कचरे की मात्रा कम करने के उपायों की भी जानकारी दी गई। नागरिकों से जरूरत के अनुसार ही वस्तुएं खरीदने, पुन: उपयोग योग्य सामग्री को प्राथमिकता देने और उपयोग के बाद कचरे को निर्धारित तरीके से अलग करने की अपील की गई।
अभियान के दौरान स्वच्छता को केवल सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित न रखते हुए घर और आसपास के क्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया गया। नागरिकों को समझाया गया कि कचरा प्रबंधन में परिवार और समुदाय की भागीदारी से स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता
सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के साथ अभियान का उद्देश्य नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना रहा। नगर पंचायत क्षेत्र में इस तरह की जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को कचरा पृथक्करण और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान नागरिकों और दुकानदारों की भागीदारी से स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के वैकल्पिक उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।