शिवनंदनपुर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। इसके बाद विकासखंड भैयाथान के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दर्रीपारा में भी बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना का लाभ दिया गया। साइकिल प्राप्त करने वाली छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने के लिए कई बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन की सीमित सुविधा के कारण उन्हें शिक्षा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं के आने-जाने में लगने वाले समय की बचत होगी और वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंच सकेंगी। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना कम होगी और वे आगे की शिक्षा के लिए भी अधिक उत्साह के साथ कदम बढ़ा सकेंगी।
लक्ष्मी राजवाड़े ने छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने परिवार, गांव तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयास कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण किसी भी बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मानजनक स्थान हासिल करने का महत्वपूर्ण आधार भी है। बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी तो परिवार और समाज दोनों का विकास होगा। इसी उद्देश्य से छात्राओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शाला विकास समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। छात्राओं और अभिभावकों ने सरस्वती साइकिल योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली उपयोगी पहल बताया।
साइकिल वितरण से दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलने के साथ उनकी नियमित उपस्थिति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिल रहा है।