साल्ही पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप: सरपंच पर सत्ता के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के सवाल

एमसीबी जिले की साल्ही पंचायत में सरपंच केवल सिंह मरकाम पर वित्तीय अनियमितताओं, घटिया निर्माण और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम सभा में भी मुद्दा उठाने की कोशिश पर दबाव बनाने की बात सामने आई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Apr 25, 2026 - 11:29
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साल्ही पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप: सरपंच पर सत्ता के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, कोरिया l छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्ही में इन दिनों विकास कार्यों को लेकर गंभीर विवाद सामने आ रहा है। पंचायत के सरपंच केवल सिंह मरकाम पर वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही और सत्ता के दुरुपयोग जैसे आरोप लग रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी देखी जा रही है। आरोप है कि कई योजनाओं में खर्च की गई राशि और वास्तविक कार्यों के बीच अंतर दिखाई देता है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लिए गए निर्णयों में आम जनता की भागीदारी सीमित हो गई है।

सबसे अधिक विवाद उस सड़क निर्माण को लेकर सामने आया है, जिसमें करीब 19 लाख रुपये की लागत से बनी पेवर ब्लॉक सड़क को उखाड़कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया। इस प्रक्रिया में अतिरिक्त खर्च होने की बात कही जा रही है। वहीं, वर्तमान में निर्माणाधीन सीसी सड़कों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत में लिए जा रहे फैसलों में पारदर्शिता की कमी है और कई बार महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। 24 अप्रैल 2026 को आयोजित ग्राम सभा के दौरान भी कुछ ग्रामीणों ने कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला—ऐसी चर्चा सामने आई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।

सरपंच केवल सिंह मरकाम के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे प्रभाव का कारण मानते हैं, जबकि इस पर कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है, तो उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग द्वारा जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है या नहीं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पंचायत प्रशासन के लिए एक गंभीर विषय साबित हो सकता है।

फिलहाल, साल्ही पंचायत का यह मामला स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गया है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी पर सभी को खरा उतरना होगा।