सक्ती में कच्ची महुआ शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा, कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा में अवैध कच्ची महुआ शराब के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने जागरूकता रैली निकालकर शराब और नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई की मांग की। महिलाओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए कच्ची महुआ शराब और गांजा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। महिलाओं का कहना है कि नशे का असर बच्चों और आने वाली पीढ़ी पर पड़ रहा है।

Sep 29, 2026 - 17:01
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सक्ती में कच्ची महुआ शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा, कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l जिले के नगरदा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब के कारोबार के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। ग्राम खैरा की बड़ी संख्या में महिलाओं ने नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकालकर प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया। महिलाओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब और गांजा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

महिलाओं का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्र में कच्ची महुआ शराब के अवैध कारोबार से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर महिलाओं में चिंता देखी जा रही है। उनका कहना है कि नशे का असर केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

जागरूकता रैली निकालकर उठाई आवाज

अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने एकजुट होकर जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान महिलाओं ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की।

महिलाओं ने कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि नशे के कारण सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।

कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन

महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर सक्ती कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कच्ची महुआ शराब और गांजा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए भी लगातार अभियान चलाया जाना चाहिए।

बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता

महिलाओं ने कहा कि नशे के खिलाफ उनकी लड़ाई का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आने वाली पीढ़ी को नशे के प्रभाव से दूर रखना है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग की है।

ग्राम खैरा की महिलाओं की ओर से उठाई गई इस मांग के बाद अब प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। महिलाओं का कहना है कि यदि क्षेत्र में अवैध शराब और नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगती है तो इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी और बच्चों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।