दुर्ग के गनियारी हाई स्कूल में परीक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिरा, 3 छात्राएं घायल; 1 जिला अस्पताल रेफर, शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर
छत्तीसगढ़ के दुर्ग ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गनियारी के शासकीय हाई स्कूल में परीक्षा दे रहीं तीन छात्राओं पर छत का प्लास्टर गिर गया। हादसे में घायल छात्राओं को तत्काल रसमढ़ा सामुदायिक केंद्र पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल एक छात्रा को जिला अस्पताल रेफर किया गया। 30 साल पुरानी जर्जर इमारत को बदलने की मांग लंबे समय से लंबित थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग ब्लॉक के ग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई स्कूल में नियमित परीक्षा के दौरान अचानक छत का भारी-भरकम प्लास्टर टूटकर नीचे बैठे बच्चों पर गिर गया। इस अप्रत्याशित हादसे में परीक्षा दे रहीं तीन छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद कक्षा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सहमे हुए विद्यार्थी जान बचाकर बाहर भागे।
हादसा होते ही विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायल छात्राओं को आनन-फानन में पास के रसमढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान दो छात्राओं की स्थिति को खतरे से बाहर पाया गया, जबकि सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में अधिक चोट लगने के कारण एक छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल दुर्ग जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में छात्रा का जिला अस्पताल में सघन उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गनियारी हाई स्कूल का यह भवन करीब 30 वर्ष पुराना है। जर्जर हो चुकी इस इमारत के संबंध में स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों द्वारा लगातार नए भवन के निर्माण की मांग की जा रही थी। छत से सीपेज और दरारें आने की शिकायतें कई बार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मरम्मत और नए निर्माण को ताक पर रखकर बच्चों को उसी असुरक्षित और पुराने भवन में बिठाकर परीक्षाएं ली जा रही थीं। यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट तौर पर शिक्षा विभाग की भारी लापरवाही और बच्चों की सुरक्षा के प्रति बरती गई उदासीनता को दर्शाता है।
घटना की जानकारी मिलते ही दुर्ग एसडीएम तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल छात्रा से मुलाकात कर उसकी स्थिति का जायजा लिया और परिजनों से बातचीत कर हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया। इसके साथ ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने चिकित्सकों की टीम को छात्रा के बेहतर से बेहतर उपचार और निरंतर निगरानी के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और उनकी देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय रहते जर्जर इमारतों का ऑडिट न होना और बजट स्वीकृति के बावजूद मरम्मत का काम लंबित रहना नौनिहालों की जान पर भारी पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल भवन की तुरंत मरम्मत कराने, नए भवन की मंजूरी देने और इस लापरवाही के जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।