41वें चक्रधर समारोह का भव्य समापन, मंच के साथ पर्दे के पीछे के शिल्पकारों ने भी छोड़ी छाप

रायगढ़ में दस दिनों तक चले 41वें चक्रधर समारोह का भव्य समापन कविता कृष्णमूर्ति की सुरमयी प्रस्तुति के साथ हुआ। समारोह की सफलता में कलाकारों के साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया गया। मुख्य उद्घोषक प्रो. अंबिका वर्मा की प्रभावशाली उद्घोषणा, नगर विधायक ओपी चौधरी की पहल, राज्यसभा सांसद कुमार देवेंद्र प्रताप सिंह की सहभागिता और एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

Sep 29, 2026 - 17:50
 0  7
41वें चक्रधर समारोह का भव्य समापन, मंच के साथ पर्दे के पीछे के शिल्पकारों ने भी छोड़ी छाप

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ में दस दिनों तक कला, संगीत और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। 41वें चक्रधर समारोह का समापन अंतिम शाम प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति की सुरमयी प्रस्तुति के साथ हुआ। उनके गीतों ने समारोह के अंतिम दिन को खास बना दिया और दर्शकों ने संगीत की इस शाम का आनंद लिया।

चक्रधर समारोह की पहचान देशभर में एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में बनी है। इस बार भी देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों ने रायगढ़ पहुंचकर अपनी प्रस्तुतियां दीं। मंच पर कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया, लेकिन इस पूरे आयोजन की सफलता के पीछे पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने समारोह को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न तैयारियां कीं। मंच, कार्यक्रमों, कलाकारों और दर्शकों से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने में प्रशासनिक टीम लगातार सक्रिय रही।

समारोह के दौरान प्रो. अंबिका वर्मा की उद्घोषणा भी आकर्षण का हिस्सा रही। उनकी प्रभावशाली आवाज और कार्यक्रमों के संचालन ने मंचीय प्रस्तुतियों को एक अलग प्रभाव दिया। वहीं नगर विधायक ओपी चौधरी की पहल और सहभागिता भी आयोजन से जुड़ी रही।

राजपरिवार के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद कुमार देवेंद्र प्रताप सिंह की सक्रिय सहभागिता ने भी समारोह को विशेष पहचान दी। आयोजन के दौरान कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों के साथ रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने पर जोर दिखाई दिया।

सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आईपीएस मयंक मिश्रा और पुलिस टीम ने आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बड़ी संख्या में दर्शकों और कलाकारों की मौजूदगी के बीच पुलिस बल की मुस्तैदी से कार्यक्रमों का संचालन सुचारू रखने में मदद मिली।

इस समारोह की एक खास पहल बस्तर में नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे आदिवासियों को चक्रधर समारोह के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचाने से जुड़ी रही। इससे आयोजन को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक जुड़ाव का एक पहलू भी मिला।

दस दिनों के आयोजन के बाद देशभर से आए कलाकारों ने रायगढ़ की मेहमाननवाजी और समारोह की व्यवस्थाओं की सराहना की। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियां भले ही दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं, लेकिन उनके पीछे प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, उद्घोषणा टीम और पुलिस की लगातार मेहनत भी इस आयोजन की सफलता का अहम हिस्सा रही।